बसोहली। शीतलनगर ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल तरमुई में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। साथ ही स्कूल में पंजीकृत 45 बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र एक शिक्षक की नियुक्ति है। इन दुर्व्यवस्थाओं के विरोध में प्रशासन व सरकार के खिलाफ स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। इस दौरान समाजसेवी संजय राजदान ने कहा कि आज डिजिटल इंडिया की बातें की जा रही हैं, वहीं इस स्कूल में मूलभूत सुविधाएं ही नहीं हैं।
दन्ना जानू पंचायत की सरपंच किरण बाला ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के संबंध में और मूलभूत सुविधाओं को पूरा करने के लिए कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद भी आज तक इस ओर विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। शिक्षा विभाग के निदेशक से भी इस संदर्भ में बात की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। गांव के ही जोगिंदर सिंह, सरपंच किरण बाला व अन्य लोगों ने बताया कि इस स्कूल में करीब 45 विद्यार्थी हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए मात्र एक ही शिक्षक उपलब्ध है। स्कूल की इमारत की दशा बदतर हो चुकी है। स्कूल के कमरों में गंदगी के अलावा कुछ और नजर नहीं आता। इमारत के एक कमरे में तो केवल लकड़ियों के ढेर लगे हुए हैं। यहां तक कि स्कूल में डेस्क तक उपलब्ध नहीं है। स्कूल में भोजन बनाने वाली जगह भी दयनीय दशा में है। चूल्हे पर भोजना पकाना पड़ता है। शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लाखों रुपये की लागत से बने शौचालयों का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। स्कूल की चहारदीवारी न होने से बच्चे असुरक्षित है। स्कूल जंगल से घिरा है। ऐसे में जंगली जानवर का स्कूल परिसर में आने की आशंका बनी रहती है। खंड शिक्षा अधिकारी रामदास का कहना है कि इस बारे में शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। भोजन पकाने के लिए गैस सिलिंडर जरूरी है। इसके लिए विभाग की तरफ से निर्देश भी जारी किए गए थे। इसकी जांच की जाएगी और जो कमियां हैं उन्हें पूरा किया जाएगा।