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प्रभु यीशु पर पार्षद के बिगड़े बोल, भड़के सफाई कर्मी
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कठुआ। नगर परिषद कठुआ के वार्ड चौदह के पार्षद भूपिंदर राज की ओर से प्रभु यीशु के बारे में दिया गया विवादित बयान वायरल हो जाने पर ईसाई समुदाय के लोगों का गुस्सा नगर परिषद के खिलाफ फूट पड़ा। शुक्रवार को जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे तो वहां पहले से जमा सफाई कर्मचारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जैसे-तैसे नगर परिषद के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने उन्हें वहां से निकाला। इसके बाद तो सफाई कर्मचारियों ने गुस्सा ओर भड़क गया और उन्होंने हड़ताल का एलान कर दिया। इसके साथ ही वार्ड चौदह के पार्षद और नगर परिषद के अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग भी कर दी। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता, वे हड़ताल वापस नहीं लेंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान दानिश चीदा ने कहा कि वार्ड चौदह के पार्षद ने क्रिसमस की बधाई देने के लिए एक वीडियो संदेश में प्रभु यीशु के बारे में गलत प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि पार्षद ने प्रभु यीशु को तलवार के साथ बाकी लोगों के खात्मे के लिए आने की बात कही है, जो गलत है और उनके समुदाय के भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी समुदाय या धर्म पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करते तो फिर एक पार्षद होने के नाते वह ऐसा कर सकते हैं। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी होगी और अपना इस्तीफा भी देना होगा।
प्रदर्शनकारियों में शामिल कृष्ण चंद, अवनीस शुभ आदि ने कहा कि शुक्रवार को जब वह कार्यालय आए तो नगर परिषद के अध्यक्ष मामले को माफी के साथ ही समाप्त कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया और उनके साथ धक्कामुक्की पर पार्षद को बाहर भेज दिया। उन्होंने कहा कि परिषद का अध्यक्ष होने के नाते उन्हें इस मामले पर सुलझाले का प्रयास करना चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और ऐसे में पार्षद और अध्यक्ष दोनों अपना-अपना इस्तीफा दें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे।
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पार्षद के बयान से की गई है छेड़छाड़: चेयरमैन
नगर परिषद अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा है कि पार्षद ने केवल शुभकामनाएं देने के लिए बयान दिया था। प्रभु यीशु शांति के प्रतीक थे और पार्षद ने उनके जन्मदिन पर समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं देने के लिए बयान दिया था। लेकिन, उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। पार्षद इसके लिए माफी मांग सकते हैं। अगर समुदाय में रोष है, तो इस बात को शांति के साथ हल किया जा सकता है, लेकिन किसी के खिलाफ नारेबाजी करना ठीक नहीं है। किसी के साथ धक्कामुक्की नहीं हुई है। इस बात को बढ़ाने से इलाके का ही माहौल खराब होगा। अगर वे कानूनी रूप से चलना चाहते हैं तो वह चल सकते हैं।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान दानिश चीदा ने कहा कि वार्ड चौदह के पार्षद ने क्रिसमस की बधाई देने के लिए एक वीडियो संदेश में प्रभु यीशु के बारे में गलत प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि पार्षद ने प्रभु यीशु को तलवार के साथ बाकी लोगों के खात्मे के लिए आने की बात कही है, जो गलत है और उनके समुदाय के भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी समुदाय या धर्म पर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करते तो फिर एक पार्षद होने के नाते वह ऐसा कर सकते हैं। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी होगी और अपना इस्तीफा भी देना होगा।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल कृष्ण चंद, अवनीस शुभ आदि ने कहा कि शुक्रवार को जब वह कार्यालय आए तो नगर परिषद के अध्यक्ष मामले को माफी के साथ ही समाप्त कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया और उनके साथ धक्कामुक्की पर पार्षद को बाहर भेज दिया। उन्होंने कहा कि परिषद का अध्यक्ष होने के नाते उन्हें इस मामले पर सुलझाले का प्रयास करना चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और ऐसे में पार्षद और अध्यक्ष दोनों अपना-अपना इस्तीफा दें। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपना लेंगे।
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पार्षद के बयान से की गई है छेड़छाड़: चेयरमैन
नगर परिषद अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा है कि पार्षद ने केवल शुभकामनाएं देने के लिए बयान दिया था। प्रभु यीशु शांति के प्रतीक थे और पार्षद ने उनके जन्मदिन पर समुदाय के लोगों को शुभकामनाएं देने के लिए बयान दिया था। लेकिन, उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। पार्षद इसके लिए माफी मांग सकते हैं। अगर समुदाय में रोष है, तो इस बात को शांति के साथ हल किया जा सकता है, लेकिन किसी के खिलाफ नारेबाजी करना ठीक नहीं है। किसी के साथ धक्कामुक्की नहीं हुई है। इस बात को बढ़ाने से इलाके का ही माहौल खराब होगा। अगर वे कानूनी रूप से चलना चाहते हैं तो वह चल सकते हैं।