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ओवरलोडिंग रोकने के प्रयास नाकाम
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बसोहली। क्षेत्र में ओवरलोडिंग पर लगाम लगाने के सारे प्रयास नाकाम सिद्ध हो रहे हैं। मिनी बसें हों, या लंबी दूरी की बसें, सभी भी सवारियां बहुत ज्यादा भरी होती हैं। बसोहली-बनी रूट पर दोपहर बाद वाहनों में इतनी ज्यादा भीड़ होती है कि कभी भी हादसे का डर बना रहता है। वाहन के अंदर जगह नहीं होने पर लोग बस की छत और गेट पर लटक कर सफर करने को मजबूर होते हैं।
जानकारी के मुताबिक यातायात विभाग बसोहली के पहाड़ी इलाकों में बहुत कम ही नाका लगाता है। ज्यादातर नाके बसोहली अटल सेतु और आसपास के क्षेत्रों में ही नजर आते हैं। सख्ती नहीं होने से यात्री वाहनों में चालक परिचालक सवारियां ठूंस कर भरते हैं। बसोहली-बनी मार्ग पर धड़ल्ले से जारी ओवरलोडिंग यातायात विभाग की नाकामी का जीता-जागता नमूना है।
बसोहली बस अड्डे से वाहन निकलकर जब बसोहली-बनी मार्ग पर पुराने राशन डिपो से आगे निकल जाते हैं, तो वहां वे वाहन में ठूंस-ठूंस कर सवारियों भरते हैं। वाहन चालकों की यह मनमानी का सिलसिला, उनके लिए कमाई का साधन बना हुआ है। यातायात अधिकारी सब जानते हुए भी कोई कदम नहीं उठाते हैं।
जानकारी के मुताबिक यातायात विभाग बसोहली के पहाड़ी इलाकों में बहुत कम ही नाका लगाता है। ज्यादातर नाके बसोहली अटल सेतु और आसपास के क्षेत्रों में ही नजर आते हैं। सख्ती नहीं होने से यात्री वाहनों में चालक परिचालक सवारियां ठूंस कर भरते हैं। बसोहली-बनी मार्ग पर धड़ल्ले से जारी ओवरलोडिंग यातायात विभाग की नाकामी का जीता-जागता नमूना है।
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बसोहली बस अड्डे से वाहन निकलकर जब बसोहली-बनी मार्ग पर पुराने राशन डिपो से आगे निकल जाते हैं, तो वहां वे वाहन में ठूंस-ठूंस कर सवारियों भरते हैं। वाहन चालकों की यह मनमानी का सिलसिला, उनके लिए कमाई का साधन बना हुआ है। यातायात अधिकारी सब जानते हुए भी कोई कदम नहीं उठाते हैं।
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