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पीएचई सीपी वर्कर्स कर धरना प्रदर्शन जारी
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कठुआ। बकाया वेतन और स्थायी करने की मांग कर रहे सीपी वर्कर्स बिना वेतन के पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में वीरवार को भी उन्होंने अपना धरना जारी रखा और विभाग के मकेनिक्ल विंग कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनको उनका हक नहीं मिलेगा वह धरना वापिस नहीं लेंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा वह छह महीने का वेतन एक ही किश्त में मांग रहे हैं और बाकि का वेतन दूसरी ग्रांट में जारी किया जाए। लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायाण सिंह ने कहा कि उन्हें पिछले पांच सालों से वेतन नहीं मिला है और ऐसे में वह किसी भी सूरत में धरना वापिस लेने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि दुकानों और स्कूलों में इतना उधार हो चुका है कि लोग अब घर पर आने लगे हैं और उनसे अपना पैसा मांग रहे हैं। विभाग ने केवल एक महीने का वेतन दिया है और ऐसे में न तो वह उधार खत्म कर पा रहे हैं और न ही बच्चों को दाखिला स्कूलों में करवा पा रहे हैं। उन्हें ऐसे हाल में छोड़ा गया है कि वह न तो काम कर सकते हैं और न ही नौकरी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास और दूसरी कोई नौकरी करने की उम्र भी नहीं बची है। ऐसे में उनके साथ किया गया धोखा राज्य के कर्मचारियों के साथ किया गया सबसे बड़ा घोटाला है। जहां काम लिया गया लेकिन पैसा नेता और मंत्री खा गए। उन्होंने कहा कि वह अपना पैसा लेकर ही वापिस काम पर लौटेंगे।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिव नारायाण सिंह ने कहा कि उन्हें पिछले पांच सालों से वेतन नहीं मिला है और ऐसे में वह किसी भी सूरत में धरना वापिस लेने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि दुकानों और स्कूलों में इतना उधार हो चुका है कि लोग अब घर पर आने लगे हैं और उनसे अपना पैसा मांग रहे हैं। विभाग ने केवल एक महीने का वेतन दिया है और ऐसे में न तो वह उधार खत्म कर पा रहे हैं और न ही बच्चों को दाखिला स्कूलों में करवा पा रहे हैं। उन्हें ऐसे हाल में छोड़ा गया है कि वह न तो काम कर सकते हैं और न ही नौकरी छोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास और दूसरी कोई नौकरी करने की उम्र भी नहीं बची है। ऐसे में उनके साथ किया गया धोखा राज्य के कर्मचारियों के साथ किया गया सबसे बड़ा घोटाला है। जहां काम लिया गया लेकिन पैसा नेता और मंत्री खा गए। उन्होंने कहा कि वह अपना पैसा लेकर ही वापिस काम पर लौटेंगे।
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