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प्रदेश में 11 नए केंद्रीय विद्यालयों की जल्द मिलेगी सौगात
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कठुआ। प्रदेश में 11 नए केंद्रीय विद्यालयों को लेकर कवायद एक बार फिर तेज हो गई है। उम्मीद है कि अगले कुछ ही महीनों में जम्मू कश्मीर को 11 नए केंद्रीय विद्यालयों की सौगात मिल जाएगी। इनमें से अधिकतर संभाग के विभिन्न जिलों के दूर दराज इलाकों में हैं। कठुआ जिले दूर दराज बनी और रामकोट के अलावा गूल रामबन, रत्नीपोरा पुलवामा, कटरा के ककरियाल और मुगल मैदान किश्तवाड़ में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों के लिए केंद्रीय विद्यालय संगठन ने जिला प्रशासन से अपने वादे, अगले दो माह के भीतर पूरा करने को कहा है ताकि सरकार से इन केंद्रीय विद्यालयों की मंजूरी ली जा सके। प्रशासन को इन दो महीने की अवधि में प्रस्तावित दोनों केंद्रीय विद्यालयों की साइट तक संपर्क सड़क/पुल, बिजली, पानी और निकासी प्रबंधों की व्यवस्था करनी है। इसके अलावा मुगल मैदान में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय के लिए पेड़ों और झाड़ियों को हटाने के लिए लिखा गया है।
कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में प्रस्तावित नए केंद्रीय विद्यालयों को लेकर शुरू की गई कवायद रुक चुकी थी। लगभग डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद मामले में फिर तेजी आई है।
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बनी और रामकोट में फरवरी 2020 में पूरा हुआ था सर्वे
बनी और रामकोट में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों को लेकर केवी संगठन की टीम फरवरी 2020 में ही सर्वे कर इसे उपयुक्त बता चुकी है, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय ने जिला प्रशासन को चिह्नित भूमि केवी संगठन को सौंपने को कहा था। जिला प्रशासन कठुआ की ओर से बनी में चिह्नित बीस कनाल और रामकोट में चिह्नित तीस कनाल भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन को हस्तांतरित की गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने केंद्रीय विद्यालय संगठन की मांग पर हलफनामा भी दाखिल कर दिया है, जिसमें चिह्नित भूमि तक सड़क तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशासन ने ली है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव की ओर से संबंधित मामलों में प्रदेशों और राज्यों के मुख्य सचिवों को भी निर्देश दिए जा चुके हैं। हाल में चैलेंज मैथड कमेटी की एक उच्च स्तरीय बैठक में भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अगले दो माह के भीतर पूरा करवाने के लिए कहा गया है।
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जिले में विंटर जोन का पहला सीबीएसई स्कूल बनेगा बनी केवी
मंजूरी के बाद बनी का केवी विंटर जोन का पहला सीबीएसई स्कूल होगा। अभी तक सीबीएसई स्कूल उपलब्ध न होने से बनी सब डिवीजन के विद्यार्थियों को बसोहली के एकमात्र जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला लेना पड़ता था। बनी कस्बे से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर केंद्रीय विद्यालय की इमारत बनाने के लिए राजस्व विभाग की ओर से बीस कनाल भूमि चिह्नित की गई है, वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस केवी की कक्षाओं को गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल बनी में चलाए जाने पर सहमति बनी थी।
उधर, रामकोट में भी प्रशासन की ओर से चिह्नित भूमि और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिह्नित इमारत को संगठन की टीम ने प्राथमिक सर्वे में उपयुक्त पाया है। पहाड़ी इलाके के विद्यार्थियों के लिए यह शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा वरदान इसलिए भी होगा क्योंकि इन इलाकों में अब तक सीबीएसई स्कूल नहीं है। पहाड़ी इलाके के लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में दो नए केंद्रीय विद्यालय खासतौर पर इलाके की बेटियों के लिए बड़ी सौगात हैं।
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प्रदेश में विभिन्न जिला प्रशासनों की ओर से प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों के लिए सर्वे के बाद से ही कवायद जारी है। हाल में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी मामले पर चर्चा हुई है। ऐसे में सात केंद्रीय विद्यालयों के संदर्भ में संबंधित जिला प्रशासनों की ओर से किए गए वादों को अगले दो महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया है। संपर्क सड़कों, बिजली और पानी उपलब्ध करवाए की व्यवस्था के साथ ही मामले मंजूरी के लिए सरकार के समक्ष रखे जाएंगे। उम्मीद है कि इसके बाद जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
डॉ डी मंजूनाथ
सहायक आयुक्त,
केंद्रीय विद्यालय संगठन, जम्मू रीजन
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कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में प्रस्तावित नए केंद्रीय विद्यालयों को लेकर शुरू की गई कवायद रुक चुकी थी। लगभग डेढ़ साल के लंबे इंतजार के बाद मामले में फिर तेजी आई है।
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बनी और रामकोट में फरवरी 2020 में पूरा हुआ था सर्वे
बनी और रामकोट में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों को लेकर केवी संगठन की टीम फरवरी 2020 में ही सर्वे कर इसे उपयुक्त बता चुकी है, जिसके बाद शिक्षा निदेशालय ने जिला प्रशासन को चिह्नित भूमि केवी संगठन को सौंपने को कहा था। जिला प्रशासन कठुआ की ओर से बनी में चिह्नित बीस कनाल और रामकोट में चिह्नित तीस कनाल भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन को हस्तांतरित की गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने केंद्रीय विद्यालय संगठन की मांग पर हलफनामा भी दाखिल कर दिया है, जिसमें चिह्नित भूमि तक सड़क तैयार करने की जिम्मेदारी प्रशासन ने ली है।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव की ओर से संबंधित मामलों में प्रदेशों और राज्यों के मुख्य सचिवों को भी निर्देश दिए जा चुके हैं। हाल में चैलेंज मैथड कमेटी की एक उच्च स्तरीय बैठक में भी मामले को गंभीरता से लेते हुए अगले दो माह के भीतर पूरा करवाने के लिए कहा गया है।
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जिले में विंटर जोन का पहला सीबीएसई स्कूल बनेगा बनी केवी
मंजूरी के बाद बनी का केवी विंटर जोन का पहला सीबीएसई स्कूल होगा। अभी तक सीबीएसई स्कूल उपलब्ध न होने से बनी सब डिवीजन के विद्यार्थियों को बसोहली के एकमात्र जवाहर नवोदय विद्यालय में दाखिला लेना पड़ता था। बनी कस्बे से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर केंद्रीय विद्यालय की इमारत बनाने के लिए राजस्व विभाग की ओर से बीस कनाल भूमि चिह्नित की गई है, वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इस केवी की कक्षाओं को गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल बनी में चलाए जाने पर सहमति बनी थी।
उधर, रामकोट में भी प्रशासन की ओर से चिह्नित भूमि और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत चिह्नित इमारत को संगठन की टीम ने प्राथमिक सर्वे में उपयुक्त पाया है। पहाड़ी इलाके के विद्यार्थियों के लिए यह शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा वरदान इसलिए भी होगा क्योंकि इन इलाकों में अब तक सीबीएसई स्कूल नहीं है। पहाड़ी इलाके के लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर के दायरे में दो नए केंद्रीय विद्यालय खासतौर पर इलाके की बेटियों के लिए बड़ी सौगात हैं।
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प्रदेश में विभिन्न जिला प्रशासनों की ओर से प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालयों के लिए सर्वे के बाद से ही कवायद जारी है। हाल में हुई उच्च स्तरीय बैठक में भी मामले पर चर्चा हुई है। ऐसे में सात केंद्रीय विद्यालयों के संदर्भ में संबंधित जिला प्रशासनों की ओर से किए गए वादों को अगले दो महीने के भीतर पूरा करने को कहा गया है। संपर्क सड़कों, बिजली और पानी उपलब्ध करवाए की व्यवस्था के साथ ही मामले मंजूरी के लिए सरकार के समक्ष रखे जाएंगे। उम्मीद है कि इसके बाद जल्द मंजूरी मिल जाएगी।
डॉ डी मंजूनाथ
सहायक आयुक्त,
केंद्रीय विद्यालय संगठन, जम्मू रीजन