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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kashmir Tension: Crowd of migrant workers at Jammu and Udhampur railway stations to return home, preparing to hand over investigation of target killing to NIA

कश्मीर में तनाव : घर वापसी के लिए जम्मू व उधमपुर रेलवे स्टेशनों पर प्रवासी श्रमिकों की भीड़, टारगेट किलिंग की जांच एनआईए को सौंपने की तैयारी

Wed, 20 Oct 2021 05:54 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर/जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर/जम्मू Published by: Kuldeep Singh Updated Wed, 20 Oct 2021 05:54 AM IST
सार

घाटी में टारगेट किलिंग को लेकर उत्पन्न तनाव व दहशत के बीच प्रवासी मजदूरों के घर जाने का सिलसिला जारी है। जम्मू एवं उधमपुर रेलवे स्टेशन पर मजदूरों का जमावड़ा रहा। सभी के चेहरे पर खौफ व दहशत के भाव थे। कश्मीर के सभी जिलों में सुरक्षा कड़ी की गई। नाकों पर जांच के साथ ही पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। इस बीच सभी टारगेट किलिंग की जांच एनआईए को सौंपने की तैयारी है।

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Kashmir Tension: Crowd of migrant workers at Jammu and Udhampur railway stations to return home, preparing to hand over investigation of target killing to NIA
जम्मू व उधमपुर रेलवे स्टेशनों पर प्रवासी श्रमिकों की भीड़ - फोटो : PTI

विस्तार

कश्मीर में टारगेट किलिंग को लेकर उत्पन्न तनाव व दहशत के बीच मंगलवार को भी घाटी से प्रवासी मजदूरों के घर जाने का सिलसिला जारी रहा। जम्मू एवं उधमपुर रेलवे स्टेशन पर मजदूरों का जमावड़ा रहा। श्रीनगर के टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर (टीआरसी) पर जम्मू के लिए वाहन पकड़ने को कामगारों की भीड़ रही।

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टारगेट किलिंग की जांच एनआईए को सौंपने की तैयारी 
सभी के चेहरे पर खौफ व दहशत के भाव थे। असुरक्षा के स्वर खुलकर जुबान पर आ रहे थे। कश्मीर के सभी जिलों में सुरक्षा कड़ी रही। नाकों पर जांच के साथ ही पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। इस बीच सभी टारगेट किलिंग की जांच एनआईए को सौंपने की तैयारी है। उत्तरी कश्मीर के उड़ी में पावर प्रोजेक्ट तथा सरकारी दफ्तरों को निशाना बनाने के इनपुट के बाद सभी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कड़ी की गई है। 
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संशोधन- श्रीनगर में मारी गई महिला सिख प्रिंसिपल का नाम सुपिंदर कौर किया गया है।
सूत्रों ने बताया कि कश्मीर घाटी में इस महीने 11 अल्पसंख्यकों, हिंदुओं व प्रवासियों की आतंकियों की ओर से की गई सभी टारगेट किलिंग की जांच एनआईए कर सकती है। जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से गृह मंत्रालय को इसकी सिफारिश की गई है। एनआईए के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने घाटी का दौरा कर पूरी घटनाक्रम की जानकारी हासिल की है। सात अक्तूबर को सिख शिक्षक सुपिंदर कौर व जम्मू के शिक्षक दीपक चंद की हत्या के बाद एनआईए ने घाटी में 16 स्थानों पर छापामारी कर अहम सुराग जुटाए थे।
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यह छापे लश्कर-ए-ताइबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन, अल-बद्र, टीआरएफ, पीपुल्स अगेंस्ट फासिस्ट फोर्स, गजवातुल हिंद से जुड़े ठिकाने थे। 900 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर टारगेट किलिंग के विषय में जानकारी भी हासिल की गई थी। टारगेट किलिंग की घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को पहले ही नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। 


सोपोर में फल व्यवसायी आए आगे, भरोसा देकर 200 कामगारों को रोका 
एशिया की सबसे बड़ी फ्रूट मंडी पर भी कश्मीर से बाहर के मजदूरों और व्यवसायियों के लौटने से भी कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। फल सीजन होने के चलते कारोबार पर मंडरा रहे संकट को ध्यान में रखते हुए स्थानीय व्यवसायी सामने आए हैं। उनके द्वारा बाहर से यहां मजदूरी व अन्य कारोबार करने आए लोगों को पूर्ण सुरक्षा का आश्वासन दिया जा रहा है। उनसे अपील की जा रही है कि वे घाटी छोड़कर न जाएं। इस बीच स्थानीय व्यवसायियों के आश्वासन पर करीब 200 लोगों ने यहीं रुकने का फैसला किया है।

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