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अब महिला फिदायीन दस्ते कर रहे सीमा पार से घुसपैठ!
राघवेंद्र नारायण मिश्र,जम्मू
Updated Thu, 05 Dec 2013 11:34 AM IST
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आतंकी संगठनों ने अब रणनीति बदल दी है। रियासत में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए अब महिला फिदायीन दस्ते का इस्तेमाल हो सकता है।
खुफिया एजेंसियों की इस आशय की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने चौकसी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
एजेंसियों को सूचना मिली है कि महिला फिदायीन दस्ते के कुछ सदस्य सीमा पार से घुसपैठ करने में सफल रही हैं।
कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के क्षेत्रों में वर्तमान में लगभग 300 आतंकी सक्रिय हैं और अब महिला फिदायीन दस्ते की दस्तक ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है।
पाक अधिकृत कश्मीर के इलाके में वर्तमान में आतंकवादियों के 42 प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों से प्रशिक्षित लगभग दौ सौ आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल कराने की आतंकी संगठनों की रणनीति पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई।
एलओसी और सीमा पर पिछले दिनों लगातार सीजफायर के उल्लंघन से कवर फायरिंग देकर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश हुई थी। खुफिया एजेंसियों और पुलिस का मानना है कि करीब 80 आतंकी घुसपैठ में सफल हुए थे, जिनमें महिला फिदायीन दस्ते के सदस्य भी शामिल हैं।
महिला फिदायीन दस्ते के इन सदस्यों को एके 47 समेत आधुनिक हथियारों को चलाने की प्रशिक्षण दिया गया है। घुसपैठ में पाकिस्तानी आतंकी भी शामिल हैं जिन्हें हथियारों में हुनर के अलावा आबादी में घुलमिल जाने के लिए भी खास तरीके से प्रशिक्षित किया गया है।
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ये आतंकी क्लीन शेव्ड हैं और उर्दू, हिन्दी, अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषा में भी संवाद स्थापित कर कर सकते हैं। दो दिन पहले सेना और सुरक्षा बलों ने हंदवाड़ा इलाके में तीन आतंकियों को मार गिराया था। तीनों आतंकी पाकिस्तानी थे और उनकी पहचान अबु वकास, कारी नोमान और उबैद के रूप में हुई है।
रणनीति बदल हमले कर रहे आतंकी
डीजीपी अशोक प्रसाद का कहना है कि आतंकी संगठनों ने अब रणनीति बदलकर पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना शुरू किया है। इससे पहले पंच और सरपंच निशाने पर थे। पुलिस ने आतंकी संगठनों की रणनीति विफल करने की पुख्ता योजना बनाई है।
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खुफिया एजेंसियों की इस आशय की सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने चौकसी बढ़ा दी है। संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
एजेंसियों को सूचना मिली है कि महिला फिदायीन दस्ते के कुछ सदस्य सीमा पार से घुसपैठ करने में सफल रही हैं।
कश्मीर घाटी और जम्मू संभाग के क्षेत्रों में वर्तमान में लगभग 300 आतंकी सक्रिय हैं और अब महिला फिदायीन दस्ते की दस्तक ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है।
पाक अधिकृत कश्मीर के इलाके में वर्तमान में आतंकवादियों के 42 प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं। इन केंद्रों से प्रशिक्षित लगभग दौ सौ आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल कराने की आतंकी संगठनों की रणनीति पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई।
एलओसी और सीमा पर पिछले दिनों लगातार सीजफायर के उल्लंघन से कवर फायरिंग देकर आतंकियों की घुसपैठ कराने की कोशिश हुई थी। खुफिया एजेंसियों और पुलिस का मानना है कि करीब 80 आतंकी घुसपैठ में सफल हुए थे, जिनमें महिला फिदायीन दस्ते के सदस्य भी शामिल हैं।
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महिला फिदायीन दस्ते के इन सदस्यों को एके 47 समेत आधुनिक हथियारों को चलाने की प्रशिक्षण दिया गया है। घुसपैठ में पाकिस्तानी आतंकी भी शामिल हैं जिन्हें हथियारों में हुनर के अलावा आबादी में घुलमिल जाने के लिए भी खास तरीके से प्रशिक्षित किया गया है।
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ये आतंकी क्लीन शेव्ड हैं और उर्दू, हिन्दी, अंग्रेजी के अलावा स्थानीय भाषा में भी संवाद स्थापित कर कर सकते हैं। दो दिन पहले सेना और सुरक्षा बलों ने हंदवाड़ा इलाके में तीन आतंकियों को मार गिराया था। तीनों आतंकी पाकिस्तानी थे और उनकी पहचान अबु वकास, कारी नोमान और उबैद के रूप में हुई है।
रणनीति बदल हमले कर रहे आतंकी
डीजीपी अशोक प्रसाद का कहना है कि आतंकी संगठनों ने अब रणनीति बदलकर पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाना शुरू किया है। इससे पहले पंच और सरपंच निशाने पर थे। पुलिस ने आतंकी संगठनों की रणनीति विफल करने की पुख्ता योजना बनाई है।