जम्मू कश्मीर: बिजली विभाग के अस्थायी कर्मचारी होंगे नियमित, प्रदेश के 12 हजार कर्मचारियों को होगा लाग
उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऊर्जा विकास विभाग के अस्थायी कर्मियों (पीडीएल-टीडीएल) के भर्ती नियमों को मंजूरी दी है। इन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित किया जाएगा।
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जम्मू-कश्मीर में बिजली विभाग में कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने को सरकार ने मंजूरी दे दी है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने इन कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए भर्ती नियम को स्वीकृति प्रदान कर दी है। सरकार के इस फैसले से 12 हजार से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
विभाग में अब स्थायी-अस्थायी कर्मी और कैजुअल सीजनल लेबर नहीं रह जाएंगे। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार उप राज्यपाल ने ऊर्जा विकास विभाग के अस्थायी कर्मियों (पीडीएल-टीडीएल) के भर्ती नियमों को मंजूरी दी है। इन्हें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रिक्त पदों पर नियमित किया जाएगा।
2018 में सीजनल कर्मचारियों की नियुक्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। इससे 2012 में रिक्त पदों पर नियमितीकरण के फैसले के बाद भी पीडीएल-टीडीएल कर्मचारियों का भविष्य लटक गया था। ऊर्जा विभाग को 2019 में विभिन्न कारपोरेशन में बदल दिया गया था।
साथ ही कारपोरेशन को हो रही बिजली हानि से उबारने तथा उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराना मकसद है। समय समय पर कर्मचारियों के कल्याण तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कई कदम उठाए गए।
डेलीवेजर कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण नीति को मंजूरी मिली है। यह स्वागत योग्य कदम है। अब जो भी पात्र होगा, कारपोरेशन अपने स्तर पर नियमित कर सकेगा। कारपोरेशन बनने के बाद पता नहीं था कि कैसे नियमितीकरण होगा। कर्मचारी अधर में फंसे थे। - सचिन टिक्कू, संयोजक-जेएंडके पावर इंप्लाइज एंड इंजीनियर कोआर्डिनेशन कमेटी