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वतन के लिए कुर्बान: सीमा पर घुसपैठ के खिलाफ चला अभियान, खाई में गिरने से मेजर शहीद
Fri, 06 May 2022 09:42 PM IST
विमल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
अमर उजाला नेटवर्क, श्रीनगर
Published by: विमल शर्मा
Updated Fri, 06 May 2022 09:42 PM IST
सार
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि मेजर रघुनाथ अहलावत एक खुफिया सूचना के आधार पर घुसपैठ के खिलाफ चलाए अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान खराब मौसम में वह चट्टान से फिसल गए और 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरे।
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शहीद रघुनाथ अहलावत
- फोटो : पीआरओ
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विस्तार
श्रीनगर के बादामी बाग कैंट में स्थित सेना की 15वीं कोर के मुख्यालय में शुक्रवार को मेजर रघुनाथ अहलावत को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। रघुनाथ 5 मई को उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के उड़ी सेक्टर में शहीद हो गए थे। इस दौरान जीओसी 15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे और चिनार कोर के सभी रैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।
सेना के प्रवक्ता ने बताया कि मेजर रघुनाथ अहलावत एक खुफिया सूचना के आधार पर घुसपैठ के खिलाफ चलाए अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान खराब मौसम में वह चट्टान से फिसल गए और 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
दिल्ली के द्वारिका के रहने वाले शहीद मेजर रघुनाथ अहलावत 34 वर्ष के थे और 2012 में सेना में शामिल हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके माता-पिता हैं। प्रवक्ता के अनुसार शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना कर दिया है, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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सेना के प्रवक्ता ने बताया कि मेजर रघुनाथ अहलावत एक खुफिया सूचना के आधार पर घुसपैठ के खिलाफ चलाए अभियान का नेतृत्व कर रहे थे। इस दौरान खराब मौसम में वह चट्टान से फिसल गए और 60 मीटर गहरी खाई में जा गिरे। नजदीकी सैन्य अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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दिल्ली के द्वारिका के रहने वाले शहीद मेजर रघुनाथ अहलावत 34 वर्ष के थे और 2012 में सेना में शामिल हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और उनके माता-पिता हैं। प्रवक्ता के अनुसार शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना कर दिया है, जहां उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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