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केरन में मुठभेड़ जारी, 24 आतंकी ढेर
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 08 Oct 2013 09:32 AM IST
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जम्मू-कश्मीर के केरन सेक्टर में आतंकवादियों के खिलाफ बीते 15 दिनों से ऑपरेशन चला रही सेना फिलहाल अपने इस अभियान में वायुसेना की मदद नहीं लेगी।
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प्रधानमंत्री के साथ हुई सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की बैठक में इस मसले पर हुई गंभीर मंत्रणा के बाद यह निर्णय लिया गया।
इस दौरान सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को जल्द ही आतंकियों को केरन सेक्टर से खदेड़ने का भरोसा देते हुए वहां के हालात और सेना की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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भारत में पाकिस्तानी उच्चायुक्त सलमान बशीर की ओर से घुसपैठियों को पाक सेना के संरक्षण संबंधी आरोप को खारिज किए जाने के बाद भारत ने साफ कर दिया है कि सैन्य कार्रवाई जारी रहने तक उसकी ओर से इस मामले में कोई कूटनीतिक पहल नहीं होगी।
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सैन्य सूत्रों का कहना है कि इस अभियान में अब तक करीब दो दर्जन आतंकी मारे जा चुके हैं। अब भी इलाके में लगभग 30 आतंकियों के छिपे होने की आशंका जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री के साथ सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों की बैठक पूर्व नियोजित थी। हालांकि बैठक में केरन सेक्टर में घुसपैठ और इसके खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई।
सूत्रों ने बताया कि बैठक में जनरल बिक्रम सिंह ने प्रधानमंत्री को आतंकियों को पाकिस्तान की ओर से मिल रही मदद के बारे में भी बताया।
इस दौरान सेना के तीनों अंगों की संयुक्त कार्रवाई की योजना पर भी चर्चा हुई। लेकिन जनरल सिंह ने इसकी तत्काल जरूरत न होने की बात कहते हुए प्रधानमंत्री को जल्द ही आतंकियों को खदेड़ने का आश्वासन दिया।
सूत्रों का कहना था कि बैठक में सेना की खरीद प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा हुई और तीनों अंगों के प्रमुखों ने सेना के लिए जरूरी साजो समान की खरीदारी में देरी न होने देने के लिए खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए उपाय तलाशने का अनुरोध किया।
हथियारों का जखीरा बरामद
केरन सेक्टर में सेना ने सोमवार को हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। कार्यवाहक ब्रिगेडियर जनरल स्टाफ कर्नल संजय मित्रा ने कहा कि हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी से साफ है कि आतंकियों ने युद्ध जैसी तैयारी कर रखी है।
बरामद हथियारों में सात एके 47 राइफल, एक स्नाइपर राइफल, चार पिस्टल, 20 यूबीजीएल ग्रेनेड, दो रेडियो सेट आदि शामिल हैं।
रविवार को भी सेना ने छह एके 47 राइफल्स, 10 पिस्टल, पांच रेडियो सेट सहित तमाम घातक हथियार, दवाइयां, खाद्य पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया था।
इससे साफ है कि आतंकी लंबी लड़ाई के लिए तैयारी के साथ आए हैं। उन्होंने एलओसी के पार से पाकिस्तानी सेना से भी हर मुमकिन मदद हासिल हो रही है।
आर-पार की लड़ाई जरूरी
रक्षा विशेषज्ञ और पूर्व सैन्य अफसर मानते हैं कि अब आरपार की लड़ाई के बिना बात बनेगी नहीं। एलओसी पर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो रही है। कार्रवाई में देरी पर भी पूर्व सैन्य अफसरों ने सवाल उठाए हैं।
पूर्व ब्रिगेडियर सुचेत सिंह का कहना है कि किसी स्तर पर चूक जरूर हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति में सेना की कार्रवाई सही है क्याेंकि अब तक एक दर्जन से अधिक आतंकी मारे जा चुके है।
सेना के सिर्फ पांच जवान ही जख्मी हुए हैं। लेकिन लड़ाई को लंबा नहीं खींचा जाना चाहिए।