जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में आतंकियों ने पीडीपी सरपंच की घर में घुसकर गोली मारकर की हत्या, हमलावरों की तलाश तेज
बुधवार शाम समीर अपने घर पर थे, जब आतंकवादियों ने उनके घर में घुसकर उनपर गोलीबारी कर दी और भाग निकले। इसके बाद परिजन व पड़ोसी समीर को गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
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शहर के बाहरी इलाके खोनमुह में आतंकियों ने बुधवार की शाम एक सरपंच की घर में घुसकर गोलीमार कर हत्या कर दी। मारे गए सरपंच की पहचान खोनमुह-सी के सरपंच समीर अहमद भट के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षाबलों ने इलाका घेर कर हमलावरों की तलाश तेज कर दी है। घटना की जिम्मेदारी लश्कर-ए-ताइबा के सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। एक सप्ताह में पंच व सरपंच की हत्या की यह दूसरी घटना है।
बताया जाता है कि बुधवार की शाम लगभग 6.50 बजे समीर अपने घर पर मौजूद थे। उसी समय कुछ आतंकी घर में घुस गए और नजदीक से समीर को गोलियां मारने के बाद भाग निकले। आतंकियों के फरार होने के बाद परिजन व पड़ोसी समीर को गंभीर अवस्था में श्रीनगर के श्री महाराजा हरी सिंह (एसएमएचएस) अस्पताल ले गए। जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
छाती में लगी गोली बनी जानलेवा
एसएमएचएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ कंवरजीत सिंह ने बताया कि गंभीर रूप से घायल सरपंच को अस्पताल लाया गया था। तीन से चार गोलियां लगी थीं। एक गोली सीने में लगने के कारण काफी खून बह गया था। ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई।
बिना बताए घर चले गए थे
पुलिस ने बताया कि भट को सुरक्षा प्रदान की गई थी और उन्हें श्रीनगर के एक होटल में रखा गया था, लेकिन बुधवार को वह बिना सूचना दिए अपने घर चले गए। जहां आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस मामला दर्ज कर घटना के कारणों का पता लगा रही है।
दो मार्च को कुलगाम में पंच की हुई थी हत्या
आतंकियों ने पिछले बुधवार को कुलगाम जिले के कुलपोरा सरांड्रो इलाके में एक निर्दलीय पंच मोहम्मद याकूब डार की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसे घर के बाहर नजदीक से गोलियां मारी गई थीं।
सरपंच की हत्या की विभिन्न राजनीतिक दलों ने की निंदा
सरपंच समीर अहमद भट की हत्या की सभी राजनीतिक दलों ने निंदा की है। भाजपा के प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं हैं। घटना में शामिल आतंकी मानवता और शांति के दुश्मन हैं जो निहत्थे नागरिकों को मारकर बहादुरी का दावा करते हैं। वास्तव में वे कायर हैं जो जमीनी स्तर पर फलते-फूलते लोकतंत्र को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते हैं।
नेशनल कांफ्रेस उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा कि हमले की कड़ी से कड़ी निंदा करें। इस मूर्खतापूर्ण रक्तपात का अंत होना चाहिए। सरपंच के परिवार के प्रति उनकी हार्दिक संवेदनाएं हैं। ऐसे लोग जो अधिक से अधिक अच्छा काम करना चाहते हैं वह आतंकियों की राजनेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों की एक लंबी सूची में शामिल हो जाते हैं।
समीर का अपराध यह था कि वह अच्छा काम करना चाहते थे। पीडीपी ने भी हत्या की निंदा करते हुए कहा कि प्रशासन के लंबे दावों के विपरीत, इस तरह के हमले कश्मीर में सुरक्षा परिदृश्य को उजागर करते हैं। दुख की इस घड़ी में हमारे विचार और प्रार्थना परिवार के साथ हैं।