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जम्मू-कश्मीर: जेलों में 4जी नेटवर्क की फ्रिक्वेंसी कम करने की तैयारी, कई मोबाइल कंपनियों से की गई सिफारिश

Sun, 18 Jul 2021 07:34 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sun, 18 Jul 2021 07:34 PM IST
सार

आतंकी और गैंगस्टर मिलकर जेल कर्मियों की मिलीभगत से अपना नेटवर्क जेल में रह कर ही चला रहे हैं।

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Jammu and Kashmir: Preparations to reduce the frequency of 4G network in jails, recommendation made to many mobile companies
4जी मोबाइल नेटवर्क

विस्तार

जेलों में लगातार कैदियों और आतंकियों के पास मिलने वाले मोबाइल फोन के मामलों ने जेल विभाग की परेशानी बढ़ा दी है। लिहाजा अब इसका तोड़ निकालने की कवायद शुरू कर दी गई है। जेल विभाग जेलों में 4जी मोबाइल नेटवर्क की फ्रिक्वेंसी कम करने की तैयारी कर रहा है। इस दिशा में कदम उठाते हुए जेल विभाग ने मोबाइल कंपनियों से सिफारिश की है कि जेलों में फ्रिक्वेंसी कम करें।

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कोट भलवाल जेल के अधीक्षक का कहना है कि जियो समेत अन्य मोबाइल कंपनियों से सिफारिश की गई है जेल के भीतर फ्रिक्वेंसी कम की जाए। बता दें कि इस जेल में तीन बार कैदियों से मोबाइल फोन मिले हैं। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि जेलों में सुरक्षा में चूक हो रही है। इसके चलते ऐसा हो रहा है।
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जानकारी के अनुसार जेलों में 4जी नेटवर्क को जाम करने वाला जैमर सिस्टम नहीं लगा हुआ है। इसका कैदी जमकर फायदा उठा रहे हैं। आतंकी और गैंगस्टर मिलकर जेल कर्मियों की मिलीभगत से अपना नेटवर्क जेल में रह कर ही चला रहे हैं। इसमें उनकी मदद मोबाइल फोन कर रहे हैं। दरअसल, प्रदेश की किसी जेल में जैमर नहीं लगा हुआ।
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इसकी वजह से 4जी सिमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोट भलवाल जेल के अधीक्षक का कहना है कि जब तक जैमर को अपग्रेड करने का काम शुरू नहीं होता। तब तक मोबाइल कंपनियों से सिफारिश की गई है कि वह 4जी नेटवर्क की फ्रिक्वेंसी को कम कर दें। ताकि इसका कोई इस्तेमाल न कर सके। क्योंकि मौजूदा जैमर 2जी पर नियंत्रित पा लेते हैं। यदि जेलों में 4जी नेटवर्क नहीं चलेगा तो इसका इस्तेमाल नहीं हो पाएगा।

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