{"_id":"573d553c4f1c1bfd57ac6fe4","slug":"jammu-and-kashmir-placed-viwe-on-special-status-of-neet","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनईईटी पर जेएंडके ने विशेष दर्जे का पक्ष रखा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एनईईटी पर जेएंडके ने विशेष दर्जे का पक्ष रखा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Thu, 19 May 2016 11:25 AM IST
विज्ञापन
jammu and kashmir
- फोटो : Demo Pic.
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी दिल्ली में बुधवार को एनईईटी को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में जम्मू-कश्मीर ने एमबीबीएस और बीडीएस कोर्सों में दाखिले के लिए एंट्रेंस परीक्षाओं पर मजबूती के साथ जेएंडके को मिले विशेष दर्जे का पक्ष रखा।
विज्ञापन
रियासत से प्रतिनिधित्व कर रहे राज्यसभा सदस्य फैयाज अहमद मीर ने कहा कि दूसरे राज्यों में भाषाओं और पाठ्यक्रम सहित अन्य बिंदु शामिल हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर को मिले विशेष दर्जे के तहत उसे जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ प्रोफेशन एंट्रेंस एग्जामिनेशन के तहत कामन एंट्रेंस टेस्ट करवा सकता है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एमबीबीएस, बीडीएस और अन्य दूसरे कोर्सों में दाखिले के लिए जम्मू-कश्मीर बोर्ड आफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन एक्ट 2002 को लाया गया था। इसके तहत पारदर्शी स्तर पर कामन एंट्रेंस परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।
विज्ञापन
लिहाजा विशेष दर्जे को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में पूर्व की कामन एंट्रेंस टेस्ट की व्यवस्था को बहाल रखा जाए। इन परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जाते हैं और बीओपीईई स्वायत्त स्तर पर काम कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि रियासत में हाल ही में बीओपीईई की ओर से विभिन्न कोर्सों के लिए कामन एंट्रेंस टेस्ट आयोजित किए गए। इनमें तीस हजार के करीब उम्मीदवार बैठे, जिसमें एमबीबीएस के उम्मीदवार शामिल हुए।