{"_id":"613b98948ebc3e7fcd0075c2","slug":"jammu-and-kashmir-order-to-impose-psa-on-jamaat-follower-canceled-will-be-released","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: जमात अनुयायी पर पीएसए लगाने का आदेश रद्द, होंगे रिहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: जमात अनुयायी पर पीएसए लगाने का आदेश रद्द, होंगे रिहा
Fri, 10 Sep 2021 11:10 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Fri, 10 Sep 2021 11:10 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी युवक को फौरन रिहा करें। जिला मजिस्ट्रेट के इसी आदेश पर हाईकोर्ट में जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने सुनवाई की।
विज्ञापन
हाईकोर्ट।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जमात ए इस्लामी के अनुयायी युवक के बंदी आदेश को हाईकोर्ट ने रद्द कर उसे फौरन रिहा करने के आदेश जारी किया है। शोपियां के जिला मजिस्ट्रेट ने स्थानीय युवक बिलाल अहमद निवासी हिलाल इमाम साहिब शोपियां पर जन सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) लगाया था। केंद्र ने 2019 में जमात-ए-इस्लामी पर प्रतिबंध लगा दिया था।
विज्ञापन
जिला मजिस्ट्रेट की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बिलाल जमात की विचारधारा को लोगों में फैलाकर सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा था। वह पत्थरबाजी में भी संलिप्त रहा। जिला मजिस्ट्रेट के इसी आदेश पर हाईकोर्ट में जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने सुनवाई की। जस्टिस मागरे ने कहा कि बंदी बनाने वाली अथॉरिटी ने इस मामले में दिमाग से काम नहीं लिया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- राहुल के बड़े बयान: 'ज्ञान धन और बल' से भाजपा-आरएसएस पर किए वार, पुरखों को यादकर जोड़े दिल के तार
विज्ञापन
कोर्ट ने कहा कि पीएसए के तहत बंदी बनाने का आदेश जारी करते समय इस बात की जानकारी नहीं ली गई कि आरोपी पुलिस अथवा न्यायिक हिरासत में है या उसे जमानत पर छोड़ा गया है। लिहाजा बंदी बनाने के आदेश को रद्द कर आरोपी को रिहा करने का आदेश दिया जाता है।