फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu and Kashmir Muslim neighbors came in support of Kashmiri Pandit family in Shopian were shot by terrorists

जम्मू-कश्मीर: शोपियां में कश्मीरी पंडित के परिवार के समर्थन में आए मुस्लिम पड़ोसी, आतंकियों ने मार दी थी गोली

Tue, 05 Apr 2022 10:19 PM IST
अनुराग सक्सेना सुमीर कौल, श्रीनगर
सुमीर कौल, श्रीनगर Published by: अनुराग सक्सेना Updated Tue, 05 Apr 2022 10:19 PM IST
सार

शोपियां के चोटीगाम में बाल कृष्ण भट का परिवार एक मेडिकल स्टोर चलाता है। बाल कृष्ण को आतंकियों ने उनकी दुकान के बाहर गोली मार दी थी। फिलहाल उनका श्रीनगर में सेना के 92-शिविर अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।

विज्ञापन
Jammu and Kashmir Muslim neighbors came in support of Kashmiri Pandit family in Shopian were shot by terrorists
शोपियां में तैनात सुरक्षा बल - फोटो : ANI-फाइल फोटो

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के शोपियां में सोमवार को आतंकवादियों द्वारा एक कश्मीरी पंडित दुकानदार को गोली मारने के बाद उनके परिवार को मुस्लिम पड़ोसियों से अपार सहयोग मिल रहा है। इन मुस्लिम पड़ोसियों ने ना सिर्फ उन्हें अस्पताल पहुंचाया बल्कि किसी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए उनके घर पर डेरा भी डाल दिया। 

विज्ञापन


जिला के चोटीगाम में बाल कृष्ण भट का परिवार एक मेडिकल स्टोर चलाता है। बाल कृष्ण को आतंकियों ने उनकी दुकान के बाहर गोली मार दी थी। फिलहाल उनका श्रीनगर में सेना के 92-शिविर अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है।

विज्ञापन

भट का परिवार चोटीगाम के दो कश्मीरी पंडित परिवारों में से एक हैं। चोटीगाम शोपियां से 10 किमी और श्रीनगर से लगभग 70 किमी दूर है। इस क्षेत्र में आतंकी घटनाएं होती रहती हैं और यह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ माना जाता है।

बाल कृष्ण भट के भाई अनिल भट (32) ने बताया, ''हम सब यहां साथ में रहते हैं और कभी यह स्थान नहीं छोड़ा। मैं यह भी कहूंगा कि हमने कभी डर महसूस नहीं किया। हमारे सभी पड़ोसी बहुत अच्छे हैं लेकिन हम बंदूक का सामना कैसे करेंगे। भाई के अस्पताल से लौटने के बाद हम आगे की योजना बनाएंगे।''

पड़ोसियों ने घाटी नहीं छोड़ने की अपील की

मंगलवार को भट परिवार के कई पड़ोसी उनसे मिलने आए और उनके प्रति अपना समर्थन जताया।

एक पड़ोसी मुख्तसिर अहमद लोन ने कहा, ''गोलियों और चिल्लाने की आवाज सुनते ही मैं अपने भतीजे और दोस्तों के साथ मौके की तरफ दौड़ा। हम सोनू (बाल कृष्ण भट) को शोपियां ले गए। भट को सेना के अस्पताल पहुंचने के बाद मैं और मेरा पूरा परिवार भट के घर पर रुका। सोनू और मैं साथ-साथ बड़े हुए हैं और हम लोगों में कोई भेद नहीं है। हम सब एक हैं और इंशाअल्लाह हम हमेशा एक रहेंगे।''

एक अन्य पड़ोसी फयाज अहमद ने कहा कि सोनू गांव में सबका चहेता है क्योंकि वह मेडिकल एमरजेंसी में लोगों की सहायता करने के लिए आधी रात में भी दुकान खोल देता था। बाल कृष्ण भट के पिता पंडित जानकी नाथ भट ने मंगलवार को उनके घर पहुंचे पड़ोसियों से बात की। पड़ोसियों ने उनसे घाटी नहीं छोड़ने की अपील की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed