{"_id":"61383a068ebc3e17183ee8eb","slug":"jammu-and-kashmir-international-workshop-at-nit-srinagar-union-minister-said-nano-sciences-is-the-most-important-area-of-research","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: एनआईटी श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला, केंद्रीय मंत्री बोले- नैनो साइंसेज अनुसंधान का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: एनआईटी श्रीनगर में अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला, केंद्रीय मंत्री बोले- नैनो साइंसेज अनुसंधान का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र
Wed, 08 Sep 2021 09:50 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 08 Sep 2021 09:50 AM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं के दिमाग को विकसित करने के लिए और बेहतर मंच प्रदान करने की जरूरत है। जो उन्हें अपने विचारों को लागू करने में सहायता कर सकता है।
विज्ञापन
एनआईटी श्रीनगर
विस्तार
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर में मंगलवार को पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि एनआईटी श्रीनगर देश के सबसे पुराने संस्थानों में से एक है। यह नैनो साइंसेज अनुसंधान के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक के रूप में उभर कर सामने आया है।
विज्ञापन
नैनोसाइंसेज की प्रासंगिकता और प्रभाव बहुत समृद्ध है। दुनिया भर में कोई भी निम्न और उच्च शिक्षण या शोध स्तर पर इस क्षेत्र की अनदेखी करने के बारे में विचार नहीं कर सकता है। यह गर्व और सौभाग्य की बात है कि देश के स्कूल की एक 11 साल की छात्रा कार्बन नैनो ट्यूब का उपयोग करके शीशा दूषित पानी का पता लगाती है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू कश्मीर गजनबी फोर्स के तीन सदस्य दबोचे, तलाशी में हथियार और गोलाबारूद बरामद
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं के दिमाग को विकसित करने के लिए और बेहतर मंच प्रदान करने की जरूरत है। जो उन्हें अपने विचारों को लागू करने में सहायता कर सकता है। वे भयानक बीमारियों के लिए समाधान ढूंढ सकते हैं। इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश सहगल, प्रो. अनिल दत्तात्रेय, आदि मौजूद रहे।.