{"_id":"60d30ce98ebc3e2a014aa9c9","slug":"jammu-and-kashmir-high-court-the-court-quashed-the-decision-to-seal-watali-s-property-the-case-of-terrorist-funding-was-going-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: वटाली की संपत्ति सील करने के फैसले को कोर्ट ने किया रद्द, आतंकी फंडिंग का चल रहा था केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट: वटाली की संपत्ति सील करने के फैसले को कोर्ट ने किया रद्द, आतंकी फंडिंग का चल रहा था केस
Wed, 23 Jun 2021 03:58 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 23 Jun 2021 03:58 PM IST
सार
कश्मीरी कारोबारी पर आतंकी फंडिंग और अलगाववाद को बढ़ावा देने का केस चल रहा है। जिसे एनआईए ने 2017 में गिरफ्तार किया था।
विज्ञापन
jammu highcourt
- फोटो : फाइल
विस्तार
कश्मीरी कारोबारी जाहूर अहमद शाह वटाली और उनके परिवार की संपत्ति सील करने के फैसले को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। वटाली पर आतंकी फंडिंग और अलगाववाद को बढ़ावा देने का केस चल रहा है। जिसे एनआईए ने 2017 में गिरफ्तार किया था।
इसके बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने राजस्व विभाग को आदेश दिया था कि वटाली और उनके परिवार की राजस्व संपित्त को जारी न करें। मंगलवार को जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने मामले पर सुनवाई की। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के आदेश को अवैध बताया और इसे रद्द कर दिया। इससे पहले दोनों तरफ की दलीलें सुनीं गईं।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: पर्वतीय क्षेत्रों में कई नए इलाके पर्यटन स्थल बनकर उभर रहे, जानिए कौन-कौन सी जगह बन रही लोगों की नई पसंद
विज्ञापन
जज ने कह कि 18 मार्च 2018 का विवादित आदेश न केवल कानून के प्रावधान द्वारा परिकल्पित अनिवार्यता के विपरीत है, बल्कि अधिकार क्षेत्र के बिना भी है और इसलिए विचाराधीन आदेश पूरी तरह से अनुचित और अवैध है। अत: यह निरस्त किये जाने योग्य है। उल्लेखनीय है कि वटाली को पकड़े जाने के बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने राजस्व विभाग से कहा था कि उनके राजस्व विभाग से संबंधित जमीन, घर और अन्य चीजों को सील कर दिया जाए।
विज्ञापन
इसके बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने राजस्व विभाग को आदेश दिया था कि वटाली और उनके परिवार की राजस्व संपित्त को जारी न करें। मंगलवार को जस्टिस अली मोहम्मद मागरे ने मामले पर सुनवाई की। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट के आदेश को अवैध बताया और इसे रद्द कर दिया। इससे पहले दोनों तरफ की दलीलें सुनीं गईं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: पर्वतीय क्षेत्रों में कई नए इलाके पर्यटन स्थल बनकर उभर रहे, जानिए कौन-कौन सी जगह बन रही लोगों की नई पसंद
विज्ञापन
जज ने कह कि 18 मार्च 2018 का विवादित आदेश न केवल कानून के प्रावधान द्वारा परिकल्पित अनिवार्यता के विपरीत है, बल्कि अधिकार क्षेत्र के बिना भी है और इसलिए विचाराधीन आदेश पूरी तरह से अनुचित और अवैध है। अत: यह निरस्त किये जाने योग्य है। उल्लेखनीय है कि वटाली को पकड़े जाने के बाद एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने राजस्व विभाग से कहा था कि उनके राजस्व विभाग से संबंधित जमीन, घर और अन्य चीजों को सील कर दिया जाए।