J&K: राज्यपाल बोले- सज्जाद लोन को सीएम बनाना चाहता था केंद्र पर यह बेईमानी होती

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Tue, 27 Nov 2018 01:55 PM IST
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If I see Delhi I had to make Sajjad government in jammu and kashmir

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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने विधानसभा भंग करने को लेकर बड़ा खुलासा किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मलिक ने कहा कि "मैं एक बार फिर साफ कर दू्ं कि अगर मैं दिल्ली की तरफ देखता तो मुझे सज्जाद लोन की सरकार बनानी पड़ती और मैं इतिहास में बेईमान आदमी के रूप में जाना जाता"। मलिक ने आगे कहा कि "मैं बेईमानी नहीं करना चाहता था इसी लिए मैंने इस मामले को ही खत्म कर दिया। जो मुझे गाली देंगे वो देंगे लेकिन मैं संतुष्ट हूं कि मैंने अच्छा काम किया"।  हालांकि बताया जा रहा है कि मलिक को ये बयान दो दिन पहले का है जिसे उन्होंने ग्वालियर में दिया था।
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आपको बता दें कि 21 नवंबर को राज्यपाल सत्यपाल मलिक को लिखी गई चिट्ठी में महबूबा मुफ़्ती ने दावा किया था कि उनके पास नेशनल कॉन्फ़्रेंस के 15 और कांग्रेस के 12 विधायकों का समर्थन है। 87 सदस्यीय विधानसभा में मुफ़्ती की पार्टी से 29 विधायक हैं। महबूबा मुफ़्ती ने राजभवन की फ़ैक्स मशीन का मज़ाक बनाते हुए ट्वीट किया था कि कोई पत्र राजभवन नहीं पहुंच रहा है और लोग जवाब के इंतज़ार में हैं। नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने महबूबा के ट्वीट्स को रीट्वीट किया। दोनों ने इस स्थिति का मज़ाक बनाया कि राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनके पत्रों को रिसीव करने और उनका जवाब देने की जगह विधानसभा को ही भंग कर दिया।  
बता दें कि जम्मू कश्मीर में तेजी से बदलते घटनाक्रम के बीच गवर्नर सत्यपाल मलिक ने आनन फानन में विधानसभा भंग कर दी थी। इस आदेश के बाद नई सरकार के गठन की अटकलों और प्रयासों पर विराम लग गया। 19 दिसम्बर को राज्यपाल शासन समाप्त हो रहा है। उसके बाद राष्ट्रपति शासन लागू होना लगभग तय है। समझा जाता है कि लोकसभा चुनाव के साथ जम्मू कश्मीर विधानसभा के चुनाव कराए जा सकते हैं। इससे पहले महागठबंधन और सज्जाद लोन के नेतृत्व में भाजपा द्वारा सरकार बनाने की कोशिशें तेज हुईं थीं। अब इन सारी कोशिशों पर विराम लग गया है।
दिनभर सियासी सरगर्मी तेज रहीं। शाम को पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया। इस दावे के तुरंत बाद बाद पीडीपी में बगावत हुई और इमरान अंसारी के नेतृत्व में बागी गुट ने 18 विधायक साथ होने का दावा किया। उधर पीपुल्स कांफ्रेंस के नेता सज्जाद लोन ने भी राजभवन को पत्र देकर सरकार बनाने का का दावा किया। लोन ने दावा किया कि उन्हें बहुमत हासिल है। इन दावों से रियासत में गहमागहमी बढ़ गई। इन दावों के पहले ही गवर्नर बुधवार को अचानक दिल्ली रवाना हो गए थे। पीडीपी नेता महबूबा का वीरवार को दिल्ली में सोनिया गांधी से मिलने का कार्यक्रम तय था। 
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