मुझे नहीं मालूम अफजल गुरु को फांसी क्यों दी गई?: महबूबा मुफ्ती
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने संसद हमले के आरोपी अफजल गुरु की फांसी से जुड़ा एक बड़ा बयान दिया है। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह अभी तक समझने की कोशिश कर रहीं है कि अफजल गुरु को क्यों और किस लिए फांसी दी गई थी।
नौ फरवरी 2013 में अफजल गुरु को दी गई फांसी को याद करते हुए कहा कि इस मुद्दे ने देश में मजबूत चर्चा को जन्म दिया। ऐसा पाकिस्तान जैसे देशों में संभव नहीं है। 'यहाँ एक कश्मीरी को फांसी पर लटका दिया गया। हम यह भी नहीं जानते कि वह क्यों और किस लिए फांसी पर लटका दिया गया।'
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि एक कश्मीरी जिसका लिस्ट में 28वां नंबर था, उसे सबसे पहले फांसी पर लटका दिया गया। मैं इसके कारणों में नहीं जाना चाहती हूं, लेकिन यहां कश्मीर में ही नहीं बल्कि पूरे मुल्क में टीचर, वकील, समाजसेवी, मानावाधिकारवादी इस फांसी के विरोध में सड़कों पर उतरे।
उन्होनें कहा कि, 'यह देश की खूबसूरती है। ऐसा और कहीं संभव नहीं है। हमारे पास एक लोकतांत्रिक ढांचा है और यहां कोई भी अपनी बात रख सकता है।'
भाजपा के साथ गठबंधन कश्मीर का भविष्य सुनिश्चित करने के लिए किया
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हमारे पास एक महान और एक लोकतांत्रिक देश है। अगर हम अपने पड़ोसी देश (पाकिस्तान) को देखें तो वहां पर पिछले महीने कई लोगों को फांसी पर लटका दिया गया। वहां बच्चों से लेकर जुल्फिकार अली भुट्टो तक को फांसी पर लटका दिया जाता है। कोई भी इसके खिलाफ अपना मुंह नहीं खोलता है।
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारतीय मुस्लिम शांतप्रिय और प्रकृति से प्यार करने वाले लोग हैं। अगर आप अमेरिका या यूरोप के किसी देश में जाते हैं और अपना भारतीय पासपोर्ट दिखाते हैं तो वे लोग किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न नहीं करते हैं।
राज्य के जिन कुछ युवाओं ने हिंसा का रास्ता अपनाया है हम उन युवाओं के हाथों में कागज, कलम और रोजगार देंगे। महबूबा ने कहा कि हमने भाजपा के साथ गठबंधन इस आशा के साथ किया है कि मैं जम्मू कश्मीर के लोगों खासकर युवाओं का भविष्य सुनिश्चित कर संकू।