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अफजल को फांसी के बाद कश्मीर में हिंसा, कर्फ्यू

Sun, 10 Feb 2013 12:05 AM IST
श्रीनगर/ब्यूरो
श्रीनगर/ब्यूरो Updated Sun, 10 Feb 2013 12:05 AM IST
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hanging afzal violence in kashmir curfew

संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के विरोध में कश्मीर घाटी में तनाव फैल गया है। घाटी के विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प और पत्थरबाजी में 23 पुलिसकर्मियों सहित 40 लोग जख्मी हो गए। चार लोग गोली लगने से जख्मी हुए हैं, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है।

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तनाव को देखते हुए सरकार ने तड़के ही पूरे कश्मीर में कर्फ्यू लागू कर दिया। इसके बावजूद कई स्थानों पर लोग सड़कों पर उतर प्रदर्शन करते रहे। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और डीजीपी अशोक प्रसाद श्रीनगर में बदले हालात पर नजर रखने के लिए सुबह ही उड़ान भर श्रीनगर पहुंचे।
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साथ ही स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। उमर अब्दुल्ला ने लोगों से अपील की है कि वे अपने जज्बातों पर नियंत्रण रखें और शरारती व समाज विरोधी तत्वों को रियासत में अमन भंग करने का मौका न दें।
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सुबह चार बजे से ही पुलिस और अर्द्धसैनिक बल श्रीनगर सहित कश्मीर के तमाम जिलों की सड़कों पर उतर आए। अलगाववादियों ने अफजल की फांसी के विरोध में चार दिन तक घाटी बंद रखने की घोषणा की है।

अफजल के गृह नगर सोपोर के अलावा बालामूला, खानपुरा, उड़ी हाईवे, लोअर मुंडा जैसे स्थानों पर लोग कर्फ्यू तोड़ सड़कों पर उतर आए। सोपोर और खानपुर में सुरक्षा बलों के साथ हुई भिड़ंत में पुलिस की गोली से चार लोग जख्मी हो गए। बारामूला में लोग सड़कों पर उतर कर नारेबाजी करते रहे।

इसी दौरान कुछ लोगों ने नेशनल हाईवे की ओर बढ़ने की कोशिश की। सुरक्षा बलों द्वारा उन्हें रोकने पर हंगामा हो गया। कुछ युवकों ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने लोगों को खदेड़ने के लिए हवाई फायर किए। इस भिड़ंत में चार पुलिसकर्मियों सहित लगभग एक दर्जन लोग जख्मी हो गए। पत्थरबाजी में एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को सिर पर गहरी चोट आई है।

अफजल गुरु को फांसी देने के विरोध में जम्मू डिवीजन के बनिहाल और किश्तवाड़ इलाकों में प्रदर्शन हुए। कश्मीर के अनंतनाग जिले में प्रदर्शन की सूचना है। बनिहाल के अलावा केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के गृह क्षेत्र भद्रवाह में भी बहुसंख्यक समुदाय ने बाजार बंद रखा। जम्मू डिवीजन के सभी जिला मुख्यालयों और संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ और राज्य पुलिस के अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया गया है।

इससे पूर्व आज सुबह अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने केबल टीवी, मोबाइल और इंटरनेट सेवा को पूरी तरह से बंद कर दिया है। साथ ही श्रीनगर समेत वादी के विभिन्न इलाकों में अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है।

सभी स्थानीय केबल ऑपरेटरों से त्वरित प्रभाव से सेवाएं रोक देने के लिए कहा गया है। साथ ही फेसबुक, ट्विटर और एसएमएस पर भी नजर रखी जा जा रही है।

परीक्षाएं स्थगित
कश्मीर यूनिवर्सिटी की ओर से शनिवार को घाटी में होने वाली तमाम परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। यूनिवर्सिटी प्रवक्ता के अनुसार स्थगित परीक्षाओं की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी।

जम्म-श्रीनगर नेशनल हाईवे खुला रहा
हालांकि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर ट्रैफिक मूवमेंट जारी है, लेकिन जम्मू-श्रीनगर के बीच यात्री वाहनों की मूवमेंट नहीं के बराबर रही। नतीजतन जम्मू और श्रीनगर से आने-जाने वाले सैकड़ों मुसाफिर दोनों शहरों में फंस गए हैं।

हुर्रियत एम ने मांगा गुरु का शव
आल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस एमके अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने अफजल को फांसी दिए जाने पर जम्मू कश्मीर में चार दिवसीय शोक का ऐलान किया है। मीरवाइज ने अफजल का शव उसके घर वालों को सौंपने की मांग भी उठाई है। हुर्रियत एमके प्रवक्ता शाहिद उल आलम ने रियासती आवाम से आग्रह किया है कि वह चार दिन तक अफजल को फांसी दिए जाने पर शोक मनाएं।

सेना नहीं बुलाई, पुलिस तैनात की गई: उमर
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि श्रीनगर में कर्फ्यू लगा दिया गया है लेकिन किसी भी स्थान पर सेना नहीं लगाई गई है। श्रीनगर स्थित अपने निवास पर प्रेस कांफ्रेंस में उमर ने कहा कि तमाम स्थानोें पर जेएंडके पुलिस और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।


सोपोर में सेना तैनात
अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिला प्रशासन ने मृतक के गृह क्षेत्र सोपोर में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सेना को तैनात कर दिया है। अफजल की पत्नी और बेटा अभी भी सोपोर में ही रहते हैं। हंदबाड़ा इलाके में निर्दलीय विधायक इंजीनियर अब्दुल रशीद ने अपने समर्थकों के साथ अफजल को फांसी दिए जाने पर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

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