बिना अनुमति के ढहाया गया था हंदवाड़ा में सेना का बंकर
- बिना डीसी की अनुमति के ढहाया गया था हंदवाड़ा में सेना का बंकर
- डीसी ने डिवकाम को भेजी रिपोर्ट
- म्यूनिसिपल कमेटी के एक्जीक्यूटिव अफसर से जवाब तलब
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विस्तार
फायरिंग में पांच नागरिकों की मौत के बाद कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में सेना के जिस बंकर को हटाया गया था, उसके लिए डीसी की अनुमति नहीं ली गई थी। इसकी पुष्टि डीसी की ओर से डिवीजनल कमिश्नर कश्मीर को भेजी गई विस्तृत रिपोर्ट से मिलती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डीसी कार्यालय को इस बाबत कोई सूचना नहीं दी गई थी। डीसी की ओर से इस बाबत म्यूनिसिपल कमेटी के एक्जीक्यूटिव आफिसर से जवाब तलब भी किया। इसमें साफ कहा गया है कि उन्होंने बंकर का ऊपरी हिस्सा बिना डीसी कार्यालय को सूचित किए गिराया है। यह दर्शाता है कि उन्होंने अपनी सीमाओं को लांघा है और कानून का उल्लंघन किया है।
डीसी की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि 12 अप्रैल को फायरिंग की घटना के बाद जिला प्रशासन ने प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों तथा सिविल सोसाइटी के सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें यह सुझाव आया कि सुरक्षा कारणों को देखते हुए मुख्य चौराहे पर स्थित सेना के बंकर को हटाया जाए ताकि उग्र भीड़ शांत हो सके और भविष्य में नागरिकों तथा सुरक्षा बलों के बीच टकराव को टाला जा सके।
मौखिक निर्देश पर ढांचे के ऊपरी मंजिल को गिरा दिया
इस सुझाव पर उन्होंने जीओसी 28 इंफेंट्री, जीओसी किलो फोर्स, एसएसपी कुपवाड़ा व एसपी हंदवाड़ा को पत्र लिखकर बंकर हटाने के बाबत रिपोर्ट मांगी। इस बीच, 18 अप्रैल को एडीसी हंदवाड़ा, एसपी हंदवाड़ा, डीएफओ, डिस्ट्रिक्ट फ्लोरीकल्चर अफसर तथा लोलाब बंगस विकास प्राधिकरण के सीईओ की कमेटी बनाई जो सेना की अनुमति के बाद बंकर के बेहतर उपयोग के बाबत अपने सुझाव दे सके।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एडीसी हंदवाड़ा ने एसपी हंदवाड़ा, म्यूनिसिपल कमेटी के एक्जीक्यूटिव अफसर और आरएंडबी के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर से ढांचे की सुरक्षा की बाबत रिपोर्ट मांगी जिसे घटना वाले दिन आंशिक नुकसान पहुंचा था।
इस बीच, 19 अप्रैल को सुबह आठ बजे म्यूनिसिपल कमेटी के एक्जीक्यूटिव अफसर ने बिना उनके कार्यालय को सूचित किए स्थानीय विधायक एवं पुलिस के मौखिक निर्देश पर ढांचे के ऊपरी मंजिल को गिरा दिया।
ढांचे को गिराने से पहले हुई थी आपात बैठक
इस पर 20 अप्रैल को एक्जीक्यूटिव अफसर से जवाब तलब किया गया। उन्हें दो दिन में जवाब देने को कहा गया। एसपी हंदवाड़ा ने उनके कार्यालय को सूचित किया कि ढांचा स्थानीय विधायक के फोन पर संबंधित ब्रिगेडियर से बात करने और उनकी सहमति के बाद गिराया गया है।
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि एक्जीक्यूटिव अफसर ने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उन्होंने एसपी हंदवाड़ा को केवल कर्मी तथा मशीनरी उपलब्ध कराए। हंदवाड़ा मुख्य चौक पर ढांचे को गिराने के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम से मोबाइल नंबर 9906767076 से 19 अप्रैल को सुबह 6:49 बजे और 7:26 पर एसपी हंदवाड़ा का निर्देश प्राप्त हुआ था।
एक्जीक्यूटिव अफसर ने अपने स्पष्टीकरण के जवाब में लिखा है कि स्थानीय विधायक ने एक आपात बैठक बुलाई थी। इसमें एसपी हंदवाड़ा, एडीसी हंदवाड़ा, तहसीलदार हंदवाड़ा उपस्थित थे। उन्हें भी बैठक में शामिल होने को कहा गया। इसमें स्थानीय विधायक ने निर्देश दिए कि मुख्य चौक पर स्थित सेना का बंकर असुरक्षित हो गया है।
यह कभी भी गिर सकता है। जान माल को व्यापक नुकसान से बचाने के लिए इसे हटाने का फैसला किया गया। जवाब में एक्जीक्यूटिव अफसर ने यह भी लिखा है कि जिस दिन यह घटना हुई उस दिन एडीसी हंदवाड़ा की ओर से उसकी मजिस्ट्रेट ड्यूटी लगाई गई थी।