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Jammu Kashmir: डुग्गा और सावलाकोट के बीच आपातकालीन रेल सुरंग तैयार, विधिवत पूजन करने के बाद खोली
Wed, 03 Aug 2022 12:01 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू और कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू और कश्मीर
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 03 Aug 2022 12:01 PM IST
सार
सुरंग खोलने से पहले मौके पर विधिवत पूजन किया गया। कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर व डिप्टी चीफ इंजीनियर भी मौजूद रहे। सुरंग की दूसरी तरफ रोशनी आते ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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विस्तार
उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत मंगलवार को जिले के डुग्गा और सावलाकोट को मिलाने वाली 9.1 किमी लंबी आपातकालीन सुरंग के दोनों सिरों को मिला दिया गया। परियोजना पर डुग्गा-सावलाकोट क्षेत्र को मिलाने के लिए 9.3 किमी सुरंग को बनाया जाना है।
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इसके तहत सबसे पहले आपातकालीन सुरंग को तैयार किया गया है। मुख्य सुरंग भी लगभग तैयार है। उसके दोनों सिरों को मिलाने के लिए 80 मीटर सुरंग का काम बचा है। मंगलवार को उत्तरी रेलवे के सीईओ एसपी माही ने आपातकालीन सुरंग के मुख्यद्वार पर धमाका कर सुरंग की अंतिम परत को हटाया।
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सुरंग खोलने से पहले मौके पर विधिवत पूजन किया गया। कोंकण रेलवे के चीफ इंजीनियर व डिप्टी चीफ इंजीनियर भी मौजूद रहे। सुरंग की दूसरी तरफ रोशनी आते ही मौके पर मौजूद कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। सभी लोग एक-दूसरे को बधाइयां देते दिखे। सुरंग का निर्माण कार्य वेनसर निर्माण कंपनी लिमिटेड ने किया। इसको बनाने का काम वर्ष 2017 में शुरू हुआ था।
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स्थानीय युवकों को मिला रोजगार
रेल लिंक परियोजना में सुरंग नंबर 13 का निर्माण काफी चुनौती भरा काम था। जिले के जिस ग्रामीण क्षेत्र में कच्चा सड़क मार्ग तक नहीं पहुंचा था, सबसे पहले वहां सड़क बनाने का काम किया गया। पहाड़ियों को काटकर मार्ग तैयार किया। तब डुग्गा से सुरंग बनाने का काम शुरू हुआ। इस दौरान सुरंग के दूसरे सिरे तक जाने के लिए इंजीनियरों को अपना सर्वश्रेष्ठ कार्य करना पड़ा। कंपनी में स्थानीय बेरोजगारों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवाए। गौरतलब है कि इसी परियोजना के तहत दरिया चिनाब पर बक्कल तथा कोड़ी रेलवे स्टेशन को मिलाने के लिए विश्व का सबसे ऊंचा रेलवे पुल बन रहा है। इसकी दोनों आर्च को इस स्वतंत्रता दिवस पर मिलाने की योजना है।