J&K में मेडिकल की प्रवेश परीक्षा BOPEE की जगह CBSC करवाएगा
- अब बीओपीईई की जगह सीबीएसई करेगा प्रवेश परीक्षा
- एनईईटी से रियासत के विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे
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एमबीबीएस और बीडीएस के लिए नेशनल इलीजिबिलिटी कम इंट्रेंस टेस्ट का आयोजन बोर्ड आफ प्रोफेश्नल इंट्रेंस इक्जामिनेशन (बीओपीईई) की जगह अब सीबीएसई करेगा।
शिक्षा मंत्री नईम अख्तर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के ताजा आदेश के अनुसार एनईईटी परीक्षा के आयोजन की एजेंसी को बदला गया है। बीओपीईई की जगह सीबीएसई परीक्षा आयोजित करेगा।
राज्य के लिए परीक्षा से जुड़ी शेष प्रक्रिया और व्यवस्था में अन्य किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। नईम ने कहा कि राज्य के कानून विभाग ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अध्ययन किया है जिसमें मेडिकल कालेजों को लेकर राज्य की स्थिति को बरकरार रखा गया है।
कोर्ट ने विशेष दर्जे को स्वीकार्यता दी
न्यायालय ने जम्मू कश्मीर को परीक्षा संबंधी योग्यता मानदंडों को जारी रखने की अनुमति दी है जिसमें सबसे पहला बिंदु यह है कि राज्य के मेडिकल कालेजों में दाखिले के लिए केवल स्टेट सब्जेक्ट धारक विद्यार्थी ही योग्य होंगे। किसी भी बाहरी राज्य के विद्यार्थी को दाखिला नहीं मिलेगा।
पूर्ववर्ती व्यवस्था में आरक्षण का जो प्रावधान था उसे बहाल रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य ने सर्वोच्च न्यायालय में सफलतापूर्वक अपना पक्ष रखा है जिसमें कोर्ट ने विशेष दर्जे को स्वीकार्यता दी है।
एनईईटी से जम्मू कश्मीर के विद्यार्थियों के अधिकार प्रभावित नहीं होंगे। कहा एनईईटी में यदि 10 हजार विद्यार्थी पास हो जाते हैं तो भी जम्मू कश्मीर के मेडिकल कालेजों के लिए स्थानीय विद्यार्थियाें का ही चयन होगा।