{"_id":"e45a3f1e-bff6-11e2-a4b2-d4ae52bc57c2","slug":"borders-is-trying-to-infiltrate-every-other-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"बार्डर पर हर दूसरे दिन होती है घुसपैठ की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बार्डर पर हर दूसरे दिन होती है घुसपैठ की कोशिश
जम्मू/राघवेंद्र नारायण मिश्र
Updated Sun, 19 May 2013 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रियासत में सीमा पार से हर दूसरे दिन घुसपैठ की कोशिश हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि नियंत्रण रेखा के पार तीन सौ से अधिक आतंकी घुसपैठ के लिए तैयार बैठे हैं।
विज्ञापन
रात के अंधेरे में घुसपैठ की कोशिशों में बर्फ पिघलने के बाद और तेजी आई है। सेना अलर्ट है।
घुसपैठ को नाकाम करने में सफलता भी मिल रही है लेकिन खतरा बना हुआ है। कुपवाड़ा के जंगलों में तलाशी अभियान को गति देने के लिए सेना की अतिरिक्त टुकड़ी भेजी गई है।
विज्ञापन
हालांकि पिछले साल की तुलना में आंतकवादी घटनाओं में 36 प्रतिशत गिरावट आई है।
छिटपुट घटनाओं के बीच रियासती सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय हालात पर संतोष जताने लगे हैं।
केंद्र और रियासती सरकार मिलकर पर्यटन के विस्तार पर काम कर रही हैं। आतंकी संगठनों को यह स्थिति रास नहीं आ रही है।
वे घुसपैठ के माध्यम से पीओके में प्रशिक्षित आतंकवादियों को भेजकर आशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
पीओके में वर्तमान में तीस से अधिक आतंकी प्रशिक्षण कैंप है। सेना के 16 कोर के जनरल कमांडिंग अफसर डी एस हुडा ने यह आशंका जताई थी कि एलओसी पर लगभग तीन सौ से अधिक आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं।
विज्ञापन
बीएसएफ के आईजी राजीव कृष्ण ने भी सांबा सीमा से घुसपैठ की कोशिश का खुलासा किया है। सांबा में इस माह घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम की जा चुकी है। इस क्रम में सुरक्षा बलों ने तीस मिनट तक फायरिंग की।
फ्लैग मीटिंग में भी घुसपैठ का मसला उठाया गया। पाकिस्तान सीजफायर का उल्लंघन कर फायरिंग कर ध्यान बंटाता है और इस बीच आतंकी सीमा पार कर भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करते हैं।
पिछले नौ वर्षों में घुसपैठ के प्रयास के मामलों में गिरावट की प्रवृत्ति थी लेकिन अब इसमें उछाल दिख रहा है।
2005 में 597, 2006 में 573, 2007 में 535, 2008 में 342, 2009 में 485, 2010 में 489, 2011 में 247 और 2012 में घुसपैठ के 249 प्रयास हुए।
सीजफायर के उल्लंघन में हुई हिंसा में तीन साल में 114 जवान शहीद हुए हैं।
पिछले तीन साल में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 213 आतंकी मारे गए और चौबीस पकड़े गए। वर्तमान में सेना के अलर्ट के बावजूद आतंकियों द्वारा घुसपैठ की कोशिशें लगातार हो रही हैं।