आजाद: दरबार मूव प्रक्रिया बंद करने से जम्मू को अधिक नुकसान, आर्थिक विकास के साथ होता था संस्कृति का आदान प्रदान
पार्टी पदाधिकारी सम्मेलन में कहा, सरकार बताए सात सालों में कितने भवनों का निर्माण किया। इसमें सत्ताधारी दल के समर्थक भी थे कि यहां नई क्रांति आएगी, लेकिन मुझे नकारात्मक क्रांति ही दिखाई दी है।
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पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव की प्रक्रिया बंद करने से जम्मू को अधिक नुकसान हुआ है। इससे आर्थिक विकास के साथ संस्कृति का आदान प्रदान होता था। ट्रांसपोर्ट, रोजगार प्रभावित हुआ है। हिंदुस्तान में शायद राजधानी जम्मू एकमात्र है जिसमें सभी हिस्सों में जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के लोगों के आवास हैं। जम्मू में सभी तरह के लोगों को रखने की क्षमता है। सरकार बताए कि पिछले सात साल में जम्मू कश्मीर में कितने भवनों का निर्माण किया गया है। आजाद शुक्रवार को जम्मू में पार्टी पदाधिकारी सम्मेलन में बोल रहे थे।
आजाद ने कहा कि सात साल पहले पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार बनने पर खासतौर पर जम्मू के लोगों को काफी उम्मीदें थीं। इसमें सत्ताधारी दल के समर्थक भी थे कि यहां नई क्रांति आएगी, लेकिन मुझे नकारात्मक क्रांति ही दिखाई दी है। मैं आज गांधीनगर से आ रहा था तो बड़े बोर्ड पर लिखा था स्मार्ट सिटी जम्मू, लेकिन अभी पढ़ ही रहा था गाड़ी के दोनों पहिए खड्ढ़े में चले गए। मैंने अब तक देश में कहीं ऐसी स्मार्ट सिटी नहीं देखी।
टेलीविजन में रोज दिखाया जा रहा है कि हमनें कई उपलब्धियों को हासिल कर लिया है, लेकिन कोई बताए पिछले सात साल में कितने भवन बने हैं। हमने अपने कार्यकाल में ढाई साल के दौरान सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, गोल्फ कोर्स, डेंटल कॉलेज, गांधीनगर के दो अस्पताल, जीएमसी में बच्चों के लिए अलग ब्लाक, यात्री निवास आदि का निर्माण करवाया। इससे पूर्व जम्मू-कश्मीर मामलों की एआईसीसी प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि उन्हें शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने और उन्हें मजबूत करने के लिए भेजा है। कार्यकर्ता ही हमारी शक्ति हैं और उनका सम्मान करना है। उन्हीं के बलबूते पर पार्टी को मजबूती मिलती है।
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कई नेताओं ने आगामी चुनाव के लिए आजाद का नेतृत्व मांगा
कांग्रेस पार्टी पदाधिकारी सम्मेलन में शुक्रवार को मंच से गुलाम नबी आजाद का समर्थन मांगा गया। कई नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर में आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मजबूत बनाना है तो आजाद का नेतृत्व जरूरी है। ठाकुर बलवान सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में आजाद के नेतृत्व की जरूरत है।
उनका समर्थन मिलने से पार्टी को मजबूती मिलेगी। गुलाम मोहम्मद सरूरी ने कहा कि आगामी चुनाव की जिम्मेदारी गुलाम नबी आजाद के हवाले करनी चाहिए। पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पुराने दिन फिर लौटेंगे, लेकिन इसके लिए राहुल गांधी और गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व की सख्त जरूरत है।
लंबे समय बाद कांग्रेस की उपस्थिति दिखी
जम्मू-कश्मीर में लंबे अरसे बाद शुक्रवार को जम्मू में हुए पार्टी पदाधिकारी सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस की बड़ी उपस्थिति दिखी। इसमें संभाग के दस जिलों से नेताओं और कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। आयोजन स्थल पूरी तरह से कार्यकर्ताओं से भरा हुआ था। पार्टी कार्यकर्ता राहुल को सुनने पहुंचे थे।
डोगरा पगड़ियों से सम्मान
मंच पर राहुल गांधी, प्रदेशाध्यक्ष जीए मीर सहित अन्य नेताओं को डोगरी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। हालांकि इनमें अधिकांश नेताओं ने पगड़ी पहनने के बाद उसे उतारकर नीचे रख दिया।