यौन उत्पीड़न करने वाले मंत्री की गिरफ्तारी के आदेश
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भारत प्रशासित कश्मीर में पुलिस ने एक वरिष्ठ मंत्री की गिरफ़्तारी के आदेश दिए हैं। उनके ख़िलाफ़ शिकायत की गई थी कि उन्होंने कथित तौर पर एक महिला डॉक्टर के साथ अपने चैंबर में बलात्कार का प्रयास किया। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने बीबीसी को दी।
शब्बीर अहमद ख़ान जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य राज्य मंत्री हैं, उन्होंने बार-बार किए गए फ़ोन का जवाब नहीं दिया।
लेकिन उनके नज़दीकी सूत्रों का कहना है कि वो राज्य के पुलिस प्रमुख के सामने जल्द पेश होने वाले हैं। उनके अनुसार उन्हें वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ से शिकायत मिली है।
महिला डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि मंत्री ने उनसे कुछ दिन पहले श्रीनगर स्थित अपने ऑफ़िस आने के लिए कहा था जहाँ उन्होंने उनके साथ ग़लत व्यवहार किया और उनका उत्पीड़न किया।
घटना के बाद डॉक्टरों में नाराजगी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक़ महिला डॉक्टर एक प्रमुख राजनीतिज्ञ की पत्नी हैं। इस घटना की जानकारी सार्वजनिक होने के बाद सिविल सोसायटी के विभिन्न समूहों और मेडिकल बिरादरी के लोगों ने अपनी नाराज़गी जताई है।
डॉक्टरों ने इसे 'बर्बरतापूर्ण कृत्य' बताते हुए सप्ताहांत में एक दिन की हड़ताल की घोषणा की है।
कश्मीर के डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट डॉक्टर निसारुल ख़ान ने कहा, "सरकार को क़ानून के साथ राजनीति का घालमेल नहीं करना चाहिए। अगर अभियुक्त दोषी पाया जाता है तो उसे भारत सरकार द्वारा अपनाए गए नए क़ानून के मुताबिक़ सज़ा मिलनी चाहिए।"
2006 का केस सुनकर हिल जाएंगे आप
शीर्ष मंत्रियों, सुरक्षा अधिकारियों और नौकरशाहों के सेक्स रैकेट चलाने के बारे में 2006 में सनसनीखेज़ खुलासे से पूरा कश्मीर हिल गया था। कुछ शीर्ष मंत्रियों और अधिकारियों को जेल भेजा गया था, कुछ लड़कियों ने न्यायालय के सामने स्वीकार किया था कि सरकारी नौकरी का वादा करके उनका यौन उत्पीड़न किया गया था।
अलगाववादियों के उभार को देखते हुए इस मामले को पड़ोसी राज्य पंजाब में स्थानांतरित कर दिया गया था। उस मामले के अधिकांश अभियुक्त अब जेल से बाहर हैं। वे सरकार और प्रशासन में अपने पदों पर फिर से क़ाबिज़ हो गए हैं।
विपक्ष के द्वारा आरोप लगाने पर कि युवा लड़कियों के 'यौन उत्पीड़न' करने वालों की सूची में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह का भी नाम था तो उन्होंने इस्तीफ़ा देने की धमकी थी।
अरोपी मंत्री शबीर अहमद ख़ान इंडियन नेशनल कांग्रेस से हैं, जो स्थानीय नेशनल कांफ्रेंस सरकार के साथ सत्ता में भागीदारी करती है। एक शीर्ष कांग्रेस नेता ने कहा, "उनको निर्दोष साबित होने तक अपनी पद से हट जाना चाहिए।"