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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Amarnath Cloud Burst: 25 mm rain in one hour caused the accident

Amarnath Cloud Burst: पहले पांच घंटे में 30, फिर एक घंटे में हो गई 25 एमएम बारिश, हादसे की यह रही वजह

Sat, 09 Jul 2022 02:15 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 09 Jul 2022 02:15 AM IST
सार

मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि शाम 5 बजे से लेकर 6 बजे के बीच गुफा के ऊपरी हिस्से में 25 एमएम बारिश हो गई, जबकि इसके पहले दोपहर 12 से बजे से लेकर शाम 5 तक मात्र 30 एमएम बारिश हुई थी।

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Amarnath Cloud Burst: 25 mm rain in one hour caused the accident
अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद का मची तबाही - फोटो : संवाद

विस्तार

अमरनाथ गुफा के पास फटे बादल से एक घंटे के भीतर इतनी बारिश हो गई, जितनी पांच घंटों में भी नहीं होती। यही नहीं गुफा के आसपास के कैंपों में भी बारिश नहीं हुई, लेकिन गुफा के ऊपर भारी बारिश हुई। इस बीच बादल फट गया और तबाही मच गई। 

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शाम 6 बजे के करीब गुफा के ऊपरी हिस्से में हुई बारिश

मौसम विभाग के निदेशक सोनम लोटस का कहना है कि शाम 5 बजे से लेकर 6 बजे के बीच गुफा के ऊपरी हिस्से में 25 एमएम बारिश हो गई, जबकि इसके पहले दोपहर 12 से बजे से लेकर शाम 5 तक मात्र 30 एमएम बारिश हुई थी।

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पत्थर और मलबे की चपेट में आने से गई जान 

इससे कई गुणा ज्यादा बारिश 5 जुलाई को हुई थी। गुफा के ऊपर एकदम से बारिश हो गई। इसके बाद यह सैलाब बनकर नीचे आ गई। जिसके साथ बड़े पत्थर और मलबा आया और इसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई। उन्होंने कहा, गुफा के आसपास कई कैंप हैं।

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पंचतरणी, शेषनाग और बालटाल जैसे कैंपों में भी इतनी बारिश नहीं हुई है। यहां तक कि बारिश हुई ही नहीं। गुफा के ऊपर एकदम से इस तरह की बारिश होना और इतनी तबाही होना काफी दुखद है।

12 सालों में तीन बार बादल फटा, लेकिन पहली बार इतनी तबाही हुई

अमरनाथ गुफा के पास पिछले 12 सालों में 3 बार अमरनाथ यात्रा के दौरान बादल फटने की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कभी भी इतनी तबाही नहीं हुई। ऐसा पहली बार हुआ है कि बादल फटने से इतने लोगों की जान चली गई और अब भी कई लापता हैं। अमरनाथ यात्रा में तैनात कुछ अफसरों ने बताया कि सब कुछ सामान्य चल रहा था। एक दम से ही एक आवाज आई और इतनी तबाही मच गई। 

2010 में भी बादल फटने से किसी की जान नहीं गई थी

वर्ष 2010 में भी गुफा के पास बादल फटा था, लेकिन तब भी कोई नुकसान नहीं हुआ था। वर्ष 2021 में 28 जुलाई को गुफा के पास बादल फटने से तीन लोग इसमें फंस गए, जिन्हें बचा लिया गया था। इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ था। इस बार बादल फटने से बड़ा नुकसान हुआ है।

 

यात्रा में तैनात कुछ अफसरों ने बताया कि बादल फटने के बाद एकदम से पानी का बहाव आया। इसमें दो बड़े पहाड़ों का मलबा आ गया। मलबे में कई बड़े बड़े पत्थर थे, जिनकी वजह से इनकी चपेट में कई यात्री आ गए। यह एक मुख्य कारण था कि इतने लोगों की जान चली गई। 

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