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पुंछ के MMS मामले में चार आरोपियों के खिलाफ वारंट
ब्यूरो/ अमर उजाला, पुंछ
Updated Sun, 22 Jun 2014 09:25 AM IST
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पुंछ जिले के बहुचर्चित एमएमएस कांड में प्रिंसिपल सेशन जज (पुंछ) जफर हुसैन बेग ने चार लोगों को व्यूह रचना बनाने का आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।ॉ
साथ ही आरोपी गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह उर्फ करनजीत सिंह और एसएचओ के ड्राइवर बलविंदर सिंह को मामले की अगली तिथि पर अदालत में पेश होने को कहा है।
मामले की सुनवाई के दौरान प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि मामला सीजेएम पुंछ के पास 23 जनवरी, 2014 को आया।
आरोपियों पर आरोप लगाने या छोड़ने के लिए हुई आरंभिक बहस में पाया गया कि जांच अधिकारी ने गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह और बलविंदर सिंह को आईटी एक्ट के तहत धारा 376, 366, 342, 201, 109 के मामले में दर्ज केस में आरोपी नहीं बनाया।
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28 जनवरी, 2014 को सरकारी अभियोजक ने अदालत में आवेदन किया कि सीआरपीसी की धारा 164-ए के तहत पीड़िता ने जो बयान दिए हैं, उसमें कहा गया कि तीन आरोपियों ने धारा 376 के तहत अपराध किया और आपराधिक नीयत से पीड़िता की वीडियो फिल्म इंटरनेट पर प्रसारित की, लेकिन जांच अधिकारी ने वर्तमान आरोपी के साथ इन्हें आरोपी नहीं बनाया।
प्रिंसिपल सेशन जज ने हाईकोर्ट और एपेक्स कोर्ट के कई मामलों पर ध्यान देने के बाद पाया कि सेशन जज ऐसे मामलो में अतिरिक्त आरोपियों को समन भेज सकता है।
भले ही आरोपी के खिलाफ कोई प्रमाण न हो और पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम आरोपी के रूप में दर्ज न हो, लेकिन अभियोजक के आवेदन पर बिना किसी जांच के चारों आरोपियों को आरोपी बनाती है। साथ ही अदालत में उपस्थित आरोपी बलविंदर सिंह को किसी सम्मानजनक व्यक्ति से 30 हजार रुपये के मुचलके का इंतजाम करने को कहा। तब तक उसे जिला जेल के न्यायिक लाकअप में रखा जाए।
साथ ही अदालत ने गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह के खिलाफ 30 हजार रुपये मुचलके के रूप में जमानती वारंट जारी किए। मामले की अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होने को भी कहा। जेएनएफ
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साथ ही आरोपी गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह उर्फ करनजीत सिंह और एसएचओ के ड्राइवर बलविंदर सिंह को मामले की अगली तिथि पर अदालत में पेश होने को कहा है।
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मामले की सुनवाई के दौरान प्रिंसिपल सेशन जज ने पाया कि मामला सीजेएम पुंछ के पास 23 जनवरी, 2014 को आया।
आरोपियों पर आरोप लगाने या छोड़ने के लिए हुई आरंभिक बहस में पाया गया कि जांच अधिकारी ने गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह और बलविंदर सिंह को आईटी एक्ट के तहत धारा 376, 366, 342, 201, 109 के मामले में दर्ज केस में आरोपी नहीं बनाया।
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28 जनवरी, 2014 को सरकारी अभियोजक ने अदालत में आवेदन किया कि सीआरपीसी की धारा 164-ए के तहत पीड़िता ने जो बयान दिए हैं, उसमें कहा गया कि तीन आरोपियों ने धारा 376 के तहत अपराध किया और आपराधिक नीयत से पीड़िता की वीडियो फिल्म इंटरनेट पर प्रसारित की, लेकिन जांच अधिकारी ने वर्तमान आरोपी के साथ इन्हें आरोपी नहीं बनाया।
प्रिंसिपल सेशन जज ने हाईकोर्ट और एपेक्स कोर्ट के कई मामलों पर ध्यान देने के बाद पाया कि सेशन जज ऐसे मामलो में अतिरिक्त आरोपियों को समन भेज सकता है।
भले ही आरोपी के खिलाफ कोई प्रमाण न हो और पुलिस रिपोर्ट में उसका नाम आरोपी के रूप में दर्ज न हो, लेकिन अभियोजक के आवेदन पर बिना किसी जांच के चारों आरोपियों को आरोपी बनाती है। साथ ही अदालत में उपस्थित आरोपी बलविंदर सिंह को किसी सम्मानजनक व्यक्ति से 30 हजार रुपये के मुचलके का इंतजाम करने को कहा। तब तक उसे जिला जेल के न्यायिक लाकअप में रखा जाए।
साथ ही अदालत ने गुरदीप कौर, गगनदीप सिंह, रमनदीप सिंह के खिलाफ 30 हजार रुपये मुचलके के रूप में जमानती वारंट जारी किए। मामले की अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित होने को भी कहा। जेएनएफ