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धर्मनिरपेक्ष हैं महबूबा तो 370 हटाएं
Updated Sat, 09 Dec 2017 11:55 AM IST
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- फोटो : BASIT ZARGAR
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कठुआ। धास चराई भूमि विवाद में राज्य के दोनों सत्ताधारी दलों के बीच अब दरारें बढ़ने लगी हैं। शुक्रवार को भाजपा जिला अध्यक्ष प्रेमनाथ डोगरा ने एक बार फिर कहा कि वह अपनी बातों से पलटने वाले नहीं हैं। अगर पीडीपी के जिला अध्यक्ष को उनकी बातें मात्र वोट बैंक की राजनीति लगती हैं तो वह अपनी पार्टी की अध्यक्ष को कहें कि वह राज्य से अनुच्छेद 370 और 35ए हटाएं। बुरहान वाणी, मकबूल भट्ट, अफजल गुरु और ऐसे अन्य को आतंकी कहें तो वह अपनी ओर से लिखित में माफी मांग लेंगे।
डोगरा ने कहा कि देश हित के विरोध में किसी भी पार्टी के किसी भी नेता की बात सहन नहीं करेंगे। बनियाड़ी में जो कुछ हुआ, उसमें पुलिस द्वारा दवाब की बात कही गई। उन्होंने कहा कि करीब एक सप्ताह से भी अधिक दिनों तक मामला चलता रहा। भाजपा ने सक्रिय रूप से राष्ट्रवादी लोगों का साथ दिया। अगर पीडीपी के नेताओं को उन राष्ट्रवादी लोगों के साथ हमदर्दी थी तो एक दिन ही उनके साथ समर्थन में आते। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला था कि पीडीपी की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि गुज्जर समुदाय के लोगों को हिरासत में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरपंच के साथ मारपीट करने वालों को पीडीपी पार्टी के लोग ही पनाह दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि वोट हर पार्टी का हक है लेकिन समाज का हित उससे ऊपर है। लेकिन पीडीपी के नेताओं ने ऐसे व्यक्ति का साथ दिया जिस पर हर थाने में मामले चल रहे हैं। जो राष्ट्रवादी लोगों को आतंकित कर रहे हैं।
समर्थन ले लें वापस, लेकिन राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं
प्रेमनाथ ने कहा कि पीडीपी के नेता यह न समझें कि भाजपा गठबंधन के नाते कुछ भी सहन करेगी। भाजपा ने पीडीपी से कुछ लिया नहीं है। उल्टा पीडीपी को दिया है। पीडीपी में तो राज्य के कर्मचारियों का वेतन तक जारी करने की क्षमता नहीं है। प्रधानमंत्री के पैकेज के सहारे राज्य में विकास हो रहा है। लेकिन यह डुग्गर प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरों पर उंगली उठाने वाले पहले खुद को देख लें। अगर समर्थन वापस लेना पड़ा तो कोई बात नहीं लेकिन राष्ट्रहित के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
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डोगरा ने कहा कि देश हित के विरोध में किसी भी पार्टी के किसी भी नेता की बात सहन नहीं करेंगे। बनियाड़ी में जो कुछ हुआ, उसमें पुलिस द्वारा दवाब की बात कही गई। उन्होंने कहा कि करीब एक सप्ताह से भी अधिक दिनों तक मामला चलता रहा। भाजपा ने सक्रिय रूप से राष्ट्रवादी लोगों का साथ दिया। अगर पीडीपी के नेताओं को उन राष्ट्रवादी लोगों के साथ हमदर्दी थी तो एक दिन ही उनके साथ समर्थन में आते। उन्होंने कहा कि उन्हें पता चला था कि पीडीपी की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है कि गुज्जर समुदाय के लोगों को हिरासत में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व सरपंच के साथ मारपीट करने वालों को पीडीपी पार्टी के लोग ही पनाह दे रहे थे। उन्होंने कहा कि वह मानते हैं कि वोट हर पार्टी का हक है लेकिन समाज का हित उससे ऊपर है। लेकिन पीडीपी के नेताओं ने ऐसे व्यक्ति का साथ दिया जिस पर हर थाने में मामले चल रहे हैं। जो राष्ट्रवादी लोगों को आतंकित कर रहे हैं।
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समर्थन ले लें वापस, लेकिन राष्ट्रहित से बढ़कर कुछ नहीं
प्रेमनाथ ने कहा कि पीडीपी के नेता यह न समझें कि भाजपा गठबंधन के नाते कुछ भी सहन करेगी। भाजपा ने पीडीपी से कुछ लिया नहीं है। उल्टा पीडीपी को दिया है। पीडीपी में तो राज्य के कर्मचारियों का वेतन तक जारी करने की क्षमता नहीं है। प्रधानमंत्री के पैकेज के सहारे राज्य में विकास हो रहा है। लेकिन यह डुग्गर प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरों पर उंगली उठाने वाले पहले खुद को देख लें। अगर समर्थन वापस लेना पड़ा तो कोई बात नहीं लेकिन राष्ट्रहित के साथ समझौता नहीं किया जाएगा।
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