Jammu-Kashmir Assembly Elections: पहले चरण में हुआ 61.38% मतदान, चुनाव आयोग ने 48 घंटे बाद जारी किए नए आंकड़े
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61.38% मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने 20 सितंबर को नए आंकड़े जारी किए हैं।
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जम्मू-कश्मीर में एक दशक बाद विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61.38% मतदान हुआ। इसके मुताबिक, पुरुष मतदान 63.75%, महिला मतदान 58.96%, थर्डजेंडर मतदान 40% रहा। मतदान के दिन मतदान केंद्रों पर मतदान के रुझान आयोग द्वारा अपने वोटर टर्नआउट ऐप के माध्यम से सुबह 9:30 बजे से हर दो घंटे पर उपलब्ध कराए गए। सीईओ जम्मू-कश्मीर ने पुष्टि की है कि सभी मतदान दल सुरक्षित लौट आए हैं।
जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 61.38% मतदान हुआ। pic.twitter.com/4Y9JvqX9W3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 20, 2024
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पीके पोले ने बताया कि कई क्षेत्रों में जहां पारंपरिक वोट प्रतिशत न्यूनतम रहता था, वहां रिकॉर्ड मतदान हुआ है। इसमें दक्षिण कश्मीर के पुलवामा और शोपियां जिले में विगत चार लोकसभा चुनाव व तीन विधानसभा चुनाव के बाद अधिकतम मतदान हुआ। इन इलाकों को आतंक का गढ़ माना जाता था। पोले ने कहा, शांतिपूर्ण चुनाव के कारण कहीं भी पुनर्मतदान कराने की जरूरत नहीं है।
35 हजार कश्मीरी पंडितों ने डाले वोट
देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले 35 हजार से ज्यादा कश्मीरी पंडितों ने भी मताधिकार का उपयोग किया। विस्थापित पंडितों के लिए 24 विशेष बूथ बनाए गए थे। इनमें जम्मू में 19, दिल्ली में 4 और उधमपुर में एक बूथ बनाया था। उल्लेखनीय है, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने व तत्कालीन राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के बाद से जम्मू-कश्मीर में यह पहला विधानसभा चुनाव है।
किश्तवाड़ ने बाजी मारी...80% मतदान
केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में नापाक इरादों और हिंसा को दरकिनार कर अवाम ने शांति, सौहार्द और सद्भावना के लिए छिटपुट घटनाओं को छोड़कर शांतिपूर्वक बंपर मतदान किया। किश्तवाड़ जिले की तीन विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने सर्वािधक उत्साह दिखाया और रिकॉर्ड (80.14%) मतदान किया। यहां सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग गई थीं।
पुलवामा जिले की चार सीटों पर सबसे कम (46.65%) मतदान हुआ। हालांकि, इसके बावजूद यहां मतदान का पिछले सात चुनाव का रिकॉर्ड टूट गया। अनंतनाग की सात सीटों पर 57.84 % मतदान हुआ। डोडा जिले में तीन सीटों पर 71.34%, कुलगाम में तीन सीटों पर 62.46%, रामबन में दो सीटों पर 70.55%, शोपियां में दो सीटों पर 55.96% मतदान हुआ है। कश्मीर के चार जिलों में 2014 की तुलना में 2.50% की वृद्धि हुई तो जम्मू संभाग में 0.35% कम मत पड़े। खास यह रहा कि कश्मीर में जमात के प्रभाव वाले पुलवामा, शोपियां व कुलगाम जिले में मतदान प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पीडीपी के गढ़ अनंतनाग में मत प्रतिशत गिरा है।
हिंसा के खिलाफ बुलंद हौसलों की तस्वीर : आयोग
चुनाव आयोग ने कहा कि वोट डालने के लिए मतदाताओं का उत्साह बहिष्कार और हिंसा के खिलाफ बुलंद हौसलों की तस्वीर है। यह लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था को दिखाता है। कश्मीरी प्रवासी मतदाताओं ने भी जम्मू के 19, उधमपुर के एक व दिल्ली के 4 मतदान केंद्रों पर मताधिकार का प्रयोग किया। इनके लिए 24 विशेष बूथ बनाए गए थे। 85 वर्ष से अधिक उम्र के बहुत से मतदाताओं व दिव्यांगों को उनके घर से मतदान की सुविधा दी गई।
नौ महिला उम्मीदवारों की किस्मत का भी होगा फैसला
पहले चरण में कुल 219 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनमें से 9 महिलाएं हैं। इसके अलावा 90 निर्दलीयों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हुई है। मतदान में युवा व महिला मतदाताओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया, जो जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की आस्था के प्रति जन विश्वास का प्रतीक बन गया। विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने अनंतनाग, पुलवामा, शोपियां और कुलगाम जिले की 16 सीटों पर मतदान किया। दूसरे और तीसरे चरण के लिए मतदान क्रमशः 25 सितंबर और 1 अक्तूबर को होगा। मतों की गिनती 8 को होगी।