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दांतों का दर्द दूर नहीं होने दे रहा जीएसटी

Tue, 14 Nov 2017 01:54 AM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 01:54 AM IST
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दांतों का दर्द दूर नहीं होने दे रहा जीएसटी
जम्मू। आम आदमी के दांतों पर जीएसटी का ‘हथौड़ा’ पड़ा है। जीएसटी लगने के बाद डेंटल सर्जरी मटीरियल महंगा हो गया है। पहले इस पर छह फीसदी टैक्स लगता था, जो अब 28 प्रतिशत चुकाना पड़ रहा है। इस टैक्स का सीधा असर बड़ी चोट के रूप में मरीज की जेब पर पड़ा है। दांत की फिलिंग की ही बात करें तो उसे सौ से दो सौ रुपये ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं। दूसरी सर्जरी पर खर्च हजारों में बढ़ा है।
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यह तो बानगी भर है। केवल दांत ही नहीं, करीब सारा इलाज जीएसटी के बाद से महंगा हो गया है। बैंडेज, माउथ वाश से लेकर सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स तक सब इसके दायरे में हैं। यहां तक कि एक्स-रे मशीन भी महंगी हुई है। ऐसे में एक्स-रे कराने का भी खर्च बढ़ा है। कुछ इंस्ट्रूमेंट्स पर टैक्स 28 से घटाकर 18 प्रतिशत जरूरी किया है, लेकिन वह ऐसे ही है जैसे किसी चीज पर 50 फीसदी टैक्स बढ़ाकर उसे 25 फीसदी कम कर दिया जाए। महंगाई तो बढ़ेगी ही।
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दांतों की सर्जरी कराकर लौटे रजत लंगर साफ कहते हैं कि डाक्टर महंगे इलाज का खर्च अपनी जेब से तो डालेंगे नहीं। ऐसे में सारा भार मरीज के ऊपर ही बढ़ा है। गुड्स एंड सेल्स टैक्स यानी जीएसटी को गुड एंड सिंपल टैक्स कहा जा रहा था, लेकिन सच यह है कि इसकी वजह से लोगों के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। कई वस्तुओं के रेट घटाए जाने की बात पर वह कहते हैं कि सरकार दो कदम आगे बढ़कर एक कदम पीछे लौटी है, इसमें आम आदमी के लिए क्या भला हुआ है? बख्शी नगर निवासी नितिका वर्मा भी यही बात दोहराती हैं।
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कोट-
जीएसटी के चलते इलाज का खर्च बढ़ गया है। ऐसे में डाक्टरों के पास भी इलाज की फीस बढ़ाने के अलावा कोई चारा नहीं। सरकार को आम आदमी से जुड़ी दवाओं खास तौर पर दिल, डायबिटीज से जुड़ी दवाओं को सस्ता करना चाहिए। आईडीए का मुंबई स्थित मुख्यालय इलाज से जुड़े मुद्दे को उठा रहा है।

-डा. गौतम शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए)।

कुछ ने इलाज टाला
कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिन्होंने पहले डाक्टरों से दांतों की सर्जरी का खर्च दरियाफ्त किया था और बाद की डेट लिखवाई थी। लेकिन जीएसटी लगने के बाद महंगे इलाज के चलते सर्जरी टाल दी। डाक्टर बताते हैं कि वह भी शायद इलाज सस्ता होने का इंतजार कर रहे हैं।

इलाज पहले खर्च (रुपये में) अब खर्च (रुपये)
फिलिंग 1000 1100
रूट कनाल 2500 3500
प्लेटिंग 15000 18000
डेंटल इंप्लांट 35000 40000
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