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कहक हकहकह
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:54 AM IST
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कश्मीरी पंडितों को वार्ताकार से आस
जम्मू।
केंद्र सरकार द्वारा रियासत के विभिन्न मुद्दों के लिए बनाए गए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा अपने दौरे के अंतिम पड़ाव में जम्मू पहुंचेंगे। उनके यहां पहुंचने पर कश्मीरी पंडित समुदाय को उनसे काफी आस है।
जगती और पुरखू निवासी कश्मीरी पंडितों का कहना है कि लगातार केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जाती रही है। ऐसे में प्रमुख वार्ताकार के जम्मू पहुंचने पर उनकी कोशिश रहेगी कि उनसे मुलाकात कर समुदाय की प्रमुख समस्याओं से उन्हें अवगत कराया जाए। कश्मीरी पंडित समुदाय का कहना है कि लगातार केंद्र सरकार के प्रतिनिधि रियासत पहुंचते रहे हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी सबसे पहले घाटी का रुख प्रमुख वार्ताकार ने किया है। इसके बावजूद उनके जम्मू पहुंचने पर उनसे भेंट करने की कोशिश रहेगी।
जगती कैंप में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सुनील पंडिता का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से कुछ दिन पूर्व गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू आए थे, लेकिन उन्होंने पहले से तय लोगों से ही मुलाकात की। जिसकी समस्याएं हैं, उनका हाल नहीं जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी राहत एवं पुनर्वास विभाग की ओर से कोई सूचना नहीं मिली कि केंद्र के प्रमुख वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा जम्मू के दौरे पर आ रहे हैं। फिलहाल उनकी कोशिश रहेगी कि वह कश्मीरी पंडित समुदाय का दुख शर्मा के आगे बयां कर सकेंगे।
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जगती निवासी विजय कौल कहा कहना है कि पिछले 28 वर्ष से कश्मीरी पंडित विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। हर सरकार उनके राहत और पुनर्वास की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भी कार्य करने के लिए आगे नहीं आता है। ऐसे में एक बार केंद्र सरकार की ओर से एक वार्ताकार रियासत के दौरे पर हैं। जिन्हें सारी समस्याएं घाटी में ही दिखती है। लेकिन जम्मू में रह रहे कश्मीरी पंडितों का दुख दर्द जानने में उनकी दिलचस्पी नहीं है। आम कश्मीरी पंडित राशन, क्वार्टर, बेरोजगारी, शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। घाटी में आर्थिक क्षति हर वर्ष हो रही है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। दिनेश्वर शर्मा के जम्मू आने पर उनसे भी मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। प्रमुख बात है कि समस्याएं वहीं हैं, सिर्फ सुनने वाले बदल रहे हैं।
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जम्मू।
केंद्र सरकार द्वारा रियासत के विभिन्न मुद्दों के लिए बनाए गए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा अपने दौरे के अंतिम पड़ाव में जम्मू पहुंचेंगे। उनके यहां पहुंचने पर कश्मीरी पंडित समुदाय को उनसे काफी आस है।
जगती और पुरखू निवासी कश्मीरी पंडितों का कहना है कि लगातार केंद्र और राज्य सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा की जाती रही है। ऐसे में प्रमुख वार्ताकार के जम्मू पहुंचने पर उनकी कोशिश रहेगी कि उनसे मुलाकात कर समुदाय की प्रमुख समस्याओं से उन्हें अवगत कराया जाए। कश्मीरी पंडित समुदाय का कहना है कि लगातार केंद्र सरकार के प्रतिनिधि रियासत पहुंचते रहे हैं। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी सबसे पहले घाटी का रुख प्रमुख वार्ताकार ने किया है। इसके बावजूद उनके जम्मू पहुंचने पर उनसे भेंट करने की कोशिश रहेगी।
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जगती कैंप में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सुनील पंडिता का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से कुछ दिन पूर्व गृहमंत्री राजनाथ सिंह जम्मू आए थे, लेकिन उन्होंने पहले से तय लोगों से ही मुलाकात की। जिसकी समस्याएं हैं, उनका हाल नहीं जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस बार भी राहत एवं पुनर्वास विभाग की ओर से कोई सूचना नहीं मिली कि केंद्र के प्रमुख वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा जम्मू के दौरे पर आ रहे हैं। फिलहाल उनकी कोशिश रहेगी कि वह कश्मीरी पंडित समुदाय का दुख शर्मा के आगे बयां कर सकेंगे।
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जगती निवासी विजय कौल कहा कहना है कि पिछले 28 वर्ष से कश्मीरी पंडित विस्थापन का दंश झेल रहे हैं। हर सरकार उनके राहत और पुनर्वास की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई भी कार्य करने के लिए आगे नहीं आता है। ऐसे में एक बार केंद्र सरकार की ओर से एक वार्ताकार रियासत के दौरे पर हैं। जिन्हें सारी समस्याएं घाटी में ही दिखती है। लेकिन जम्मू में रह रहे कश्मीरी पंडितों का दुख दर्द जानने में उनकी दिलचस्पी नहीं है। आम कश्मीरी पंडित राशन, क्वार्टर, बेरोजगारी, शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। घाटी में आर्थिक क्षति हर वर्ष हो रही है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। दिनेश्वर शर्मा के जम्मू आने पर उनसे भी मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। प्रमुख बात है कि समस्याएं वहीं हैं, सिर्फ सुनने वाले बदल रहे हैं।