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एनजीटी के समक्ष मजबूत पक्ष रखे: राणा
Updated Tue, 26 Dec 2017 01:41 AM IST
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जम्मू।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की। इस बीच उन्होंने श्री अमरनाथ और श्री माता वैष्णो देवी से जुड़े मामलों पर चर्चा की। उन्होंने दोनों तीर्थ स्थलों में राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को वापस करने के लिए राज्यपाल से मजबूत पक्ष रखने का अनुरोध किया। दोनों ही तीर्थ स्थलों के साथ लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है।
देवेंद्र राणा ने कहा कि माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा से जुड़े मामलों में संबंधित श्राइन बोर्ड के अलावा किसी तीसरे पक्ष की दखल से भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचती है। एनजीटी के आदेशों का पालन होने से श्रद्धालुओं की आस्था के अलावा इससे जुड़े हजारों लोगों को प्रभावित होना पड़ेगा। दोनों ही तीर्थ स्थलों से राज्य की अर्थ व्यवस्था जुड़ी है। भोलेशंकर के दरबार में भक्तों को जयघोष लगाने से भला कैसे रोका जा सकता है। मंत्रोच्चारण की प्रथा सनातन धर्म से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जनवरी में श्राइन बोर्ड की जो बैठक बुलाई गई है, उसमें मजबूती से पक्ष रखने की रणनीति पर काम किया जाए।
उल्लेखनीय है कि एनजीटी ने हाल ही में अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास के क्षेत्र को शांति क्षेत्र घोषित करने के साथ मंत्रोच्चार और जयघोष पर रोक लगा दी थी। इसी तरह वैष्णो देवी के भवन में तीर्थयात्रियों की संख्या प्रति दिन 50,000 तक सीमित करने का आदेश जारी किया था।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राणा ने सोमवार को राजभवन में राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलाकात की। इस बीच उन्होंने श्री अमरनाथ और श्री माता वैष्णो देवी से जुड़े मामलों पर चर्चा की। उन्होंने दोनों तीर्थ स्थलों में राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को वापस करने के लिए राज्यपाल से मजबूत पक्ष रखने का अनुरोध किया। दोनों ही तीर्थ स्थलों के साथ लाखों श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी हुई है।
देवेंद्र राणा ने कहा कि माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा से जुड़े मामलों में संबंधित श्राइन बोर्ड के अलावा किसी तीसरे पक्ष की दखल से भक्तों की आस्था को ठेस पहुंचती है। एनजीटी के आदेशों का पालन होने से श्रद्धालुओं की आस्था के अलावा इससे जुड़े हजारों लोगों को प्रभावित होना पड़ेगा। दोनों ही तीर्थ स्थलों से राज्य की अर्थ व्यवस्था जुड़ी है। भोलेशंकर के दरबार में भक्तों को जयघोष लगाने से भला कैसे रोका जा सकता है। मंत्रोच्चारण की प्रथा सनातन धर्म से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि जनवरी में श्राइन बोर्ड की जो बैठक बुलाई गई है, उसमें मजबूती से पक्ष रखने की रणनीति पर काम किया जाए।
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उल्लेखनीय है कि एनजीटी ने हाल ही में अमरनाथ की पवित्र गुफा के पास के क्षेत्र को शांति क्षेत्र घोषित करने के साथ मंत्रोच्चार और जयघोष पर रोक लगा दी थी। इसी तरह वैष्णो देवी के भवन में तीर्थयात्रियों की संख्या प्रति दिन 50,000 तक सीमित करने का आदेश जारी किया था।
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