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लाल सिंह के बेटे द्वारा अवैध निर्माण पर कोर्ट सख्त
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:33 AM IST
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जम्मू। वन मंत्री लाल सिंह के बेटे पर कृषि भूमि पर अवैध निर्माण कराने पर कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस निर्माण पर हाईकोर्ट पहले से ही रोक लगा चुका है। कोर्ट में दायर याचिका में अपीलकर्ता ने कहा कि रोक के बावजूद निर्माण चल रहा है और इसमें कठुआ पुलिस और प्रशासन मंत्री के साथ मिले हुए हैं। इन दलीलों के बाद कोर्ट ने इसके निर्माण पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए।
जज ने इस मामले को 30 दिसंबर को दोबारा कोर्ट में लिस्ट करने के आदेश भी दिए हैं। कठुआ के डीसी और एसएसपी को इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। रत्नो देवी और अन्य ने राज्य सरकार एवं अन्य के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। जस्टिस अलोक अराधे ने वीरवार को मामले से जुड़ी दलीलें सुनीं। इससे पहले एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट को बताया कि लाल सिंह के बेटे की ओर से अवैध रूप से कृषि भूमि पर औद्योगिक यूनिट, स्टोन क्रशर का निर्माण किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण जारी है और कठुआ प्रशासन और पुलिस की नाक तले यह सब हो रहा है। राजस्व मंत्री ने वन मंत्री के फेवर में कृषि भूमि को दे दिया। जबकि कृषि भूमि पर कोई व्यवसायिक निर्माण नहीं किया जा सकता। दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद जज ने जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश जारी किया है। जेएनएफ
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जज ने इस मामले को 30 दिसंबर को दोबारा कोर्ट में लिस्ट करने के आदेश भी दिए हैं। कठुआ के डीसी और एसएसपी को इस मामले से जुड़ी रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। रत्नो देवी और अन्य ने राज्य सरकार एवं अन्य के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। जस्टिस अलोक अराधे ने वीरवार को मामले से जुड़ी दलीलें सुनीं। इससे पहले एडवोकेट अंकुर शर्मा ने कोर्ट को बताया कि लाल सिंह के बेटे की ओर से अवैध रूप से कृषि भूमि पर औद्योगिक यूनिट, स्टोन क्रशर का निर्माण किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बावजूद निर्माण जारी है और कठुआ प्रशासन और पुलिस की नाक तले यह सब हो रहा है। राजस्व मंत्री ने वन मंत्री के फेवर में कृषि भूमि को दे दिया। जबकि कृषि भूमि पर कोई व्यवसायिक निर्माण नहीं किया जा सकता। दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद जज ने जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश जारी किया है। जेएनएफ
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