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जन पहुंच कार्यक्रम में आम लोगों से अधिक थे नेता
Updated Tue, 21 Nov 2017 01:02 AM IST
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कठुआ। जम्मू संभाग के तीसरे जन पहुंच कार्यक्रम में कठुआ पहुंचीं मुख्यमंत्री से मिलने के लिए जहां आम लोगों की भीड़ होनी चाहिए थी, वहीं पूरे दिन नेताओं का तांता लगा रहा। नेताओं का जिला सचिवालय के अंदर और बाहर जमावड़ा लगा रहा।
रामबन और सांबा के बाद कठुआ पहुंचीं मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याआें को जानना चाहती थीं। वह आम लोगों से सीधे मुखातिब होना चाहती थीं, लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडलों में 90 फीसदी प्रतिनिधिमंडल विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के ही रहे। कुछ नेता जहां मुख्यमंत्री की नजर में अपनी छवि को बेहतर करने की दिशा में दिनभर इंतजार कर मिलने की कतार में लगे रहे तो कुछ नेताओं ने आम लोगों के प्रतिनिधिमंडलों पर कब्जा जमा लिया। खैर मामला जो भी हो लेकिन आम लोगों की समस्याओं का हल होना चाहिए था।
दूरदराज के लोगों में रोष था कि उन्हें दूरदराज इलाके के आधार पर प्रतिनिधिमंडलाें में प्राथमिकता दी जाती, जबकि उन्हें देर शाम तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग ऐसे थे जो बनी, बसोहली और बिलावर के इलाकों से आए थे लेकिन उनके प्रतिनिधिमंडलों को शाम ढलने के बाद तक मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डोगरा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडलों की सूची में भाजपा और पीडीपी के प्रतिनिधिमंडलों को ही प्राथमिकता दी गई है और विपक्ष जो बेहतरी से समस्याओं को उजागर कर सकता था, उन्हें दूर रखा गया।
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रामबन और सांबा के बाद कठुआ पहुंचीं मुख्यमंत्री आम लोगों की समस्याआें को जानना चाहती थीं। वह आम लोगों से सीधे मुखातिब होना चाहती थीं, लेकिन मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडलों में 90 फीसदी प्रतिनिधिमंडल विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के ही रहे। कुछ नेता जहां मुख्यमंत्री की नजर में अपनी छवि को बेहतर करने की दिशा में दिनभर इंतजार कर मिलने की कतार में लगे रहे तो कुछ नेताओं ने आम लोगों के प्रतिनिधिमंडलों पर कब्जा जमा लिया। खैर मामला जो भी हो लेकिन आम लोगों की समस्याओं का हल होना चाहिए था।
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दूरदराज के लोगों में रोष था कि उन्हें दूरदराज इलाके के आधार पर प्रतिनिधिमंडलाें में प्राथमिकता दी जाती, जबकि उन्हें देर शाम तक इंतजार करना पड़ा। कई लोग ऐसे थे जो बनी, बसोहली और बिलावर के इलाकों से आए थे लेकिन उनके प्रतिनिधिमंडलों को शाम ढलने के बाद तक मुख्यमंत्री से मिलने का इंतजार करना पड़ा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंकज डोगरा ने कहा कि प्रतिनिधिमंडलों की सूची में भाजपा और पीडीपी के प्रतिनिधिमंडलों को ही प्राथमिकता दी गई है और विपक्ष जो बेहतरी से समस्याओं को उजागर कर सकता था, उन्हें दूर रखा गया।
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