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अनुबंधित लेक्चररों ने निकाली शवयात्रा
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:59 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू।
आल जेएंडके कांट्रैक्चुअल लेक्चरर फोरम ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार के प्रति राष्ेा व्यक्त करते हुए शव यात्रा निकाली। इसके बाद प्रदर्शनी मैदान में सरकार की शवयात्रा निकाली। लेक्चररों ने दो टूक कहा है कि जल्द से जल्द उन्हें नियमित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
लेक्चररों की भूख हड़ताल शुक्रवार को 130वें दिन में प्रवेश कर गई। लेक्चरर राकेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है। लंबे समय से प्रदेश सरकार से नियमित होने की मांग की जा रही है। लेक्चरर राजेश कुमार ने कहा कि सरकार ने शीघ्र फैसला नहीं लिया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। सीमा ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द लेक्चररों के पक्ष में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। सीमा राजपूत ने कहा कि लेक्चररों को सिविल सर्विस स्पेशल प्रोविजन एक्ट 2010 के तहत नियमित किया जाना है। लंबे समय तक स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। महासचिव जीवन कुमार ने कहा कि लेक्चररों से कम वेतन में सेवाएं ली जा रही है। लेक्चररों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। इस मौके पर जब्बर भट्ट, अंजू, जबीर हुर्सन शाह मौजूद रहे।
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जम्मू।
आल जेएंडके कांट्रैक्चुअल लेक्चरर फोरम ने शुक्रवार को प्रदेश सरकार के प्रति राष्ेा व्यक्त करते हुए शव यात्रा निकाली। इसके बाद प्रदर्शनी मैदान में सरकार की शवयात्रा निकाली। लेक्चररों ने दो टूक कहा है कि जल्द से जल्द उन्हें नियमित नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
लेक्चररों की भूख हड़ताल शुक्रवार को 130वें दिन में प्रवेश कर गई। लेक्चरर राकेश कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार उनकी जायज मांगों को पूरा नहीं कर रही है। लंबे समय से प्रदेश सरकार से नियमित होने की मांग की जा रही है। लेक्चरर राजेश कुमार ने कहा कि सरकार ने शीघ्र फैसला नहीं लिया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। सीमा ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द लेक्चररों के पक्ष में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मांगों को पूरा नहीं कर रही है। सीमा राजपूत ने कहा कि लेक्चररों को सिविल सर्विस स्पेशल प्रोविजन एक्ट 2010 के तहत नियमित किया जाना है। लंबे समय तक स्कूलों में सेवाएं देने के बावजूद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। महासचिव जीवन कुमार ने कहा कि लेक्चररों से कम वेतन में सेवाएं ली जा रही है। लेक्चररों की आर्थिक स्थिति खराब हो चुकी है। इस मौके पर जब्बर भट्ट, अंजू, जबीर हुर्सन शाह मौजूद रहे।
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