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पिंगला माता वेस केम्प के पास पस्सिया गिरने से मागज् रहा वंद
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:57 AM IST
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रामनगर।
उधमपुर-रामनगर मार्ग पर पिंगला माता बेस कैंप के पास कोग में मंगलवार की रात करीब 12 बजे पस्सियां गिरने से मार्ग सुबह 5 बजे तक यातायात बंद रहा। इस कारण मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को पूरी रात मार्ग पर ही ठंड में गुजारना पड़ा।
जब पहाड़ से मार्ग पर पस्सियां गिरीं तो उसी समय लोगों ने लोक निर्माण विभाग को रास्ता खोलने के लिए सुचित किया, मगर विभाग ने लोगों की बात अनसुनी कर दी। इससे लोगों को रात भर मार्ग पर ही गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर अक्सर पस्सियां गिरती हैं और कई-कई घंटे मार्ग बंद होने से मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी स्थान पर कुछ माह पहले पस्सियां गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। उस वक्त भी स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की थी कि इस मार्ग को बंद करके पहाड के पीछे से बनाया जाए। वह कुछ बना हुआ है, शेष बनाना बाकी है। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया था कि उस मार्ग को जल्द से जल्द बनाया जाएगा, मगर अभी तक उस मार्ग को नहीं बनाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना था कि कोग गांव के पास मार्ग काफी खतरनाक हो चुका है। यह पहाड़ कभी भी नीचे आ सकता है। इससे पहले कि और कोई बड़ा हादसा हो, प्रशासन को पहाड़ के पीछे का मार्ग का काम जल्द से जल्द शुरू करवा देना चाहिए।
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उधमपुर-रामनगर मार्ग पर पिंगला माता बेस कैंप के पास कोग में मंगलवार की रात करीब 12 बजे पस्सियां गिरने से मार्ग सुबह 5 बजे तक यातायात बंद रहा। इस कारण मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को पूरी रात मार्ग पर ही ठंड में गुजारना पड़ा।
जब पहाड़ से मार्ग पर पस्सियां गिरीं तो उसी समय लोगों ने लोक निर्माण विभाग को रास्ता खोलने के लिए सुचित किया, मगर विभाग ने लोगों की बात अनसुनी कर दी। इससे लोगों को रात भर मार्ग पर ही गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का कहना था कि इस मार्ग पर अक्सर पस्सियां गिरती हैं और कई-कई घंटे मार्ग बंद होने से मार्ग पर चलने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी स्थान पर कुछ माह पहले पस्सियां गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। उस वक्त भी स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की थी कि इस मार्ग को बंद करके पहाड के पीछे से बनाया जाए। वह कुछ बना हुआ है, शेष बनाना बाकी है। प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया था कि उस मार्ग को जल्द से जल्द बनाया जाएगा, मगर अभी तक उस मार्ग को नहीं बनाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना था कि कोग गांव के पास मार्ग काफी खतरनाक हो चुका है। यह पहाड़ कभी भी नीचे आ सकता है। इससे पहले कि और कोई बड़ा हादसा हो, प्रशासन को पहाड़ के पीछे का मार्ग का काम जल्द से जल्द शुरू करवा देना चाहिए।
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