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रिंगड़ के काटने से युवक की किडनियां खतरे में

Wed, 15 Nov 2017 02:02 AM IST
Updated Wed, 15 Nov 2017 02:02 AM IST
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रिंगड़ के काटने से युवक की किडनियां खतरे में
जम्मू। रिंगड़ (हार्नेट स्थानीय भाषा में काला भूंड) के हमले बढ़ गए हैं। अब जिला जम्मू के जंद्राह क्षेत्र के युवक नीतू कुमार के शरीर दर्जनों हार्नेट ने डंक मार दिए, जिससे उसकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। सुपर स्पेशलिटी के नेफरोलाजी यूनिट में उसका डायलेसिस किया जा रहा है। इसके अलावा यूनिट में एक अन्य हार्नेट पीड़ित महिला का भी इलाज चल रहा है। एक माह में हार्नेट के काटने से कीडनी फेल होने का यह पांचवां मामला है।
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विशेषज्ञों के अनुसार पर्यावरण से बढ़ रही छेड़छाड़ के कारण जीव जंतुओं के इंसानों पर हमले बढ़े हैं। जंद्राह के नीतू कुमार को सोमवार को नेफरोलाजी यूनिट में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। मंगलवार को उसकी हालत में थोड़ा सुधार हुआ है। डाक्टरों के अनुसार उसे पूरी तरह से रिकवर होने में कई बार डायलेसिस किए जाएंगे। पीड़ित युवक ने बताया कि वह पेड़ से पत्तों को तोड़ रहा था, तभी अचानक ढेर सारे रिंगड़ों ने उस पर हमला कर दिया। उसके सिर, हाथ, बाजू सहित शरीर के कई हिस्सों में छेद की तरह घाव हो गए हैं। तेज दर्द से बेहोशी छाने लगी।
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इससे पूर्व शामा चक्क के एक युवक की किडनियों ने भूंड के काटने से काम करना बंद कर दिया था। सुपर स्पेशलिटी में डायलेसिस के बाद उसे लुधियाना ले जाया गया था। इसके अलावा खू नाला उधमपुर निवासी 50 अधेड़ और मंजाकोट (राजोरी) निवासी युवती की भी किडनियां भूंड के डंग से फेल हुई थीं।
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यूनिट के एचओडी डॉ. एसके बाली ने बताया कि ऐसा पहली बार हुआ है जब सीजन में एक माह के अंदर ही हार्नेट बाइट के पांच मामले आ चुके हैं। इससे पूर्व बहुत कम ऐसे मामले सामने आते थे।


डंक से मांसपेशियां काम करना बंद कर देतीं हैं
रिंगड़ के डंक से शरीर में अचानक मांसपेशियां काम करना बंद कर देती हैं। खून में अधिक मात्रा में टॉक्सिन चला जाता है। इससे पीड़ित के एक्यूट रिनियल फैलियर में चले जाने से उसकी किडनियां काम करना बंद कर देती हैं। इससे पेशाब न आना, शरीर में सूजन, लिवर खराब होने का डर आदि शारीरिक समस्याएं होती हैं। ऐसे मामलों में पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित को बचाना मुश्किल हो जाता है।
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