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अनूठी पहल: घर-गृहस्थी की उलझने यूं सुलझाएगा महिला आयोग
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 19 May 2017 02:05 PM IST
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awd
- फोटो : Getty Images
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राज्य महिला आयोग अब एक नई पहल करने जा रहा है। इस पहल के तहत जिन युवतियों की शादी होने जा रही हैं, उनकी एक्सपर्ट से काउंसलिंग करवाएगा। इस काउंसलिंग के तहत काउंसलिंग के जरिए युवतियों के मन में शादी और उससे जुड़े कई सवालों को लेकर मौजूद उलझनों को सुलझाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक काउसलिंग की शुरुआत 26 मई से होगी। अपनी तरह की यह पहली काउसलिंग प्री मैरिटल होगी। इसके लिए एक टीम भी बनाई जाएगी। राजस्थान राज्य महिला आयोग पहला आयोग होगी जो प्री मैरिटल काउंसलिंग शुरू करेगा। इस में शादी से पूर्व ही लड़कियों की विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकर वार्ता करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए महिला आयोग की ओर से एक टीम का गठन भी किया गया है। इसमें महिला आयोग की अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और मनोचिकित्सक को शामिल किया गया है।
इसके लिए लड़कियों को शादी से पहले जयपुर स्थित महिला आयोग के कार्यालय में पंजीयन करवाना होगा। अलवर में मोती डूंगरी पर संचालित महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र की काउंसलर रितु राघव ने बताया कि केंद्र पर हर माह 25 से 30 मामले आते हैं। जिसमें 10 मामले ऐसे है जिसमें लड़कियों में शादी को लेकर काफी घबराहट रहती है। उनकी काउंसलिग पहले हो जाए तो वो शादी के लिए तैयार हो सकती हैं।
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राज्य महिला आयोग जयपुर अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि शादी के बाद लड़की को घर गृहस्थी संभालने में कोई परेशानी न हो और विवाह शब्द का सही अर्थ समझें, इसके लिए 26 मई से प्री मेरिटल काउंसलिंग शुरू की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक काउसलिंग की शुरुआत 26 मई से होगी। अपनी तरह की यह पहली काउसलिंग प्री मैरिटल होगी। इसके लिए एक टीम भी बनाई जाएगी। राजस्थान राज्य महिला आयोग पहला आयोग होगी जो प्री मैरिटल काउंसलिंग शुरू करेगा। इस में शादी से पूर्व ही लड़कियों की विषय विशेषज्ञों के साथ बैठकर वार्ता करवाई जाएगी। इस कार्य के लिए महिला आयोग की ओर से एक टीम का गठन भी किया गया है। इसमें महिला आयोग की अध्यक्ष, सामाजिक कार्यकर्ता और मनोचिकित्सक को शामिल किया गया है।
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इसके लिए लड़कियों को शादी से पहले जयपुर स्थित महिला आयोग के कार्यालय में पंजीयन करवाना होगा। अलवर में मोती डूंगरी पर संचालित महिला सलाह एवं सुरक्षा केंद्र की काउंसलर रितु राघव ने बताया कि केंद्र पर हर माह 25 से 30 मामले आते हैं। जिसमें 10 मामले ऐसे है जिसमें लड़कियों में शादी को लेकर काफी घबराहट रहती है। उनकी काउंसलिग पहले हो जाए तो वो शादी के लिए तैयार हो सकती हैं।
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राज्य महिला आयोग जयपुर अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि शादी के बाद लड़की को घर गृहस्थी संभालने में कोई परेशानी न हो और विवाह शब्द का सही अर्थ समझें, इसके लिए 26 मई से प्री मेरिटल काउंसलिंग शुरू की जा रही है।