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एक विकलांगता की जांच के लिए बोर्ड की जरूरत क्यों-हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 05 Aug 2017 07:25 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि एक विकलांगता की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड के गठन की जरूरत क्यों है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को एलडीसी भर्ती-2013 की भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश प्रेमसिंह सोनी की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने एलडीसी भर्ती में दो चिकित्सकों की ओर से सत्यापित विकलांगता प्रमाण पत्र पेश किया था। जिसे यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया गया कि मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी प्रमाण पत्र को ही स्वीकार किया जाएगा। याचिका में कहा गया कि कार्मिक विभाग की ओर से 2010 में जारी परिपत्र के अनुसार एक विकलांगता के लिए विषय विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र मान्य रहेगा।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश प्रेमसिंह सोनी की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने एलडीसी भर्ती में दो चिकित्सकों की ओर से सत्यापित विकलांगता प्रमाण पत्र पेश किया था। जिसे यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया गया कि मेडिकल बोर्ड की ओर से जारी प्रमाण पत्र को ही स्वीकार किया जाएगा। याचिका में कहा गया कि कार्मिक विभाग की ओर से 2010 में जारी परिपत्र के अनुसार एक विकलांगता के लिए विषय विशेषज्ञ और मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से जारी प्रमाण पत्र मान्य रहेगा।
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जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता अभ्यर्थी को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए हैं।