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एसीबी क्यों नहीं दर्ज कर रही शिकायतों की एफआईआर, हाईकोर्ट ने पूछा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 27 Oct 2017 08:08 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एसीबी में पेश शिकायतों की एफआईआर दर्ज नहीं करने पर राज्य के गृह सचिव और एसीबी डीजी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब तलब किया है।
मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश गोवर्धनसिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम से मिली सूचना के अनुसार एक जनवरी 2014 से एक मार्च 2016 तक एसीबी में कुल 16 हजार 278 शिकायतें दर्ज हुईं। इसमें से एसीबी ने सिर्फ 51 शिकायतों की ही एफआईआर दर्ज की।
इसके अलावा 9 हजार 985 शिकायतों को संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। वहीं 89 शिकायतों पर प्रारंभिक जांच करने का निर्णय लिया गया। याचिका में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय तय कर चुका है कि प्राथमिक जांच अधिकतम पन्द्रह दिन ही की जा सकती है। अति विशेष मामलों में छह सप्ताह तक जांच हो सकती है। इसके बाद एसीबी को एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी। इसके बावजूद भी एसीबी एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नान्द्रजोग और न्यायाधीश डीसी सोमानी की खंडपीठ ने यह आदेश गोवर्धनसिंह की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि सूचना के अधिकार अधिनियम से मिली सूचना के अनुसार एक जनवरी 2014 से एक मार्च 2016 तक एसीबी में कुल 16 हजार 278 शिकायतें दर्ज हुईं। इसमें से एसीबी ने सिर्फ 51 शिकायतों की ही एफआईआर दर्ज की।
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इसके अलावा 9 हजार 985 शिकायतों को संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया। वहीं 89 शिकायतों पर प्रारंभिक जांच करने का निर्णय लिया गया। याचिका में कहा गया कि उच्चतम न्यायालय तय कर चुका है कि प्राथमिक जांच अधिकतम पन्द्रह दिन ही की जा सकती है। अति विशेष मामलों में छह सप्ताह तक जांच हो सकती है। इसके बाद एसीबी को एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी। इसके बावजूद भी एसीबी एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
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