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मंदिर के सामने लगेगी डॉगी की 1.20 लाख किलो वजनी मूर्ति
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 16 Apr 2017 02:46 PM IST
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श्वान की मूर्ति
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राजस्थान के पाली जिले में देसूरी के सोनाणा गांव में अगले महीने एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम होगा। यह कार्यक्रम यहां एक फेमस मंदिर के अहाते में श्वान की विशाल प्रतिमा की स्थापना के उपलक्ष में आयोजित होगा।
सोनाणा गांव में जूनीधाम खेतलाजी मंदिर के बाहर 21 फीट लम्बी, 11 फीट ऊंची और 1.20 लाख किलो वजनी प्रतिमा की स्थापना पालड़ी गांव में रहने वाला उनका एक भक्त मुराद पूरी होने पर करा रहा है। इसके लिए 8 और 9 मई को यहां बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। यह विशाल मूर्ति चार हिस्सों में बन कर तैयार हुई है। इसे बनाने में चार—पांच महीने लगे है। मंदिर के अन्दर जगह नहीं होने की वजह से इसे बाहर स्थापित किया जाएगा।
दरअसल खेतलाजी भैरूंजी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्वान को भैंरूजी की सवारी माना जाता है। इसलिए इस भक्त ने अपनी मुराद पूरी होने पर श्वान की मूर्ति स्थापित करने का निर्णय किया। खेतलाजी मंदिर की बड़ी धार्मिक मान्यता है। यहां दूर—दूर से भक्त दर्शन के लिए आते है और मन्नत पूरी होने पर अपनी क्षमता के अनुसार दान—दक्षिणा करते है। कई परिवार इन्हें कुलदेवता के रूप में पूजते है।
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सोनाणा गांव में जूनीधाम खेतलाजी मंदिर के बाहर 21 फीट लम्बी, 11 फीट ऊंची और 1.20 लाख किलो वजनी प्रतिमा की स्थापना पालड़ी गांव में रहने वाला उनका एक भक्त मुराद पूरी होने पर करा रहा है। इसके लिए 8 और 9 मई को यहां बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। यह विशाल मूर्ति चार हिस्सों में बन कर तैयार हुई है। इसे बनाने में चार—पांच महीने लगे है। मंदिर के अन्दर जगह नहीं होने की वजह से इसे बाहर स्थापित किया जाएगा।
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दरअसल खेतलाजी भैरूंजी है। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्वान को भैंरूजी की सवारी माना जाता है। इसलिए इस भक्त ने अपनी मुराद पूरी होने पर श्वान की मूर्ति स्थापित करने का निर्णय किया। खेतलाजी मंदिर की बड़ी धार्मिक मान्यता है। यहां दूर—दूर से भक्त दर्शन के लिए आते है और मन्नत पूरी होने पर अपनी क्षमता के अनुसार दान—दक्षिणा करते है। कई परिवार इन्हें कुलदेवता के रूप में पूजते है।
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