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भेड़िये के जोड़े के बदले जोधपुर को मिलेगा सफेद बाघ जानिए कैसे...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 15 Apr 2017 04:23 PM IST
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व्हाइट टाइगर
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जोधपुर के माचिया बायोलोजिकल पार्क में जल्द ही सफेद बाघ की दहाड़ सुनाई देगी। इस पार्क में पिछले चार साल से कोई बाघ नहीं है।
सफेद बाघ यानि व्हाइट टाइगर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जू से प्राप्त होगा। वहां पर अभी तीन व्हाइट टाइगर हैं। ये एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मिलेगा। बदले में जोधपुर से बिलासपुर जू को भेडिये का जोड़ा देना तय हुआ है।
जोधुपर के डीएफओ महेन्द्र सिंह राठौड़ के अनुसार कि बिलासपुर जू प्रशासन ने वैसे तो भेडिये के दो जोड़े मांगे हैं, लेकिन एक जोड़ा देने पर बात बनी है। इस एक्सचेंज के लिए वन विभाग से मंजूरी मिल चुकी है।
जोधपुर के इस पार्क में अभी एशियाटिक लॉयन और पेंथर का जोड़ा ही है। यहां टाइगर नहीं होने से जू में आने वाले विजिटर्स को मायूस होना पड़ता है। गौरतलब है कि जोधपुर बायोलोजिकल पार्क में पहले एक बाघ रूद्र और दो बाघिन संध्या व सीता थी। इनकी चार साल पहले मौत के बाद अब यहां एक भी बाघ नहीं है।
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सफेद बाघ यानि व्हाइट टाइगर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जू से प्राप्त होगा। वहां पर अभी तीन व्हाइट टाइगर हैं। ये एनीमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत मिलेगा। बदले में जोधपुर से बिलासपुर जू को भेडिये का जोड़ा देना तय हुआ है।
जोधुपर के डीएफओ महेन्द्र सिंह राठौड़ के अनुसार कि बिलासपुर जू प्रशासन ने वैसे तो भेडिये के दो जोड़े मांगे हैं, लेकिन एक जोड़ा देने पर बात बनी है। इस एक्सचेंज के लिए वन विभाग से मंजूरी मिल चुकी है।
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जोधपुर के इस पार्क में अभी एशियाटिक लॉयन और पेंथर का जोड़ा ही है। यहां टाइगर नहीं होने से जू में आने वाले विजिटर्स को मायूस होना पड़ता है। गौरतलब है कि जोधपुर बायोलोजिकल पार्क में पहले एक बाघ रूद्र और दो बाघिन संध्या व सीता थी। इनकी चार साल पहले मौत के बाद अब यहां एक भी बाघ नहीं है।
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