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मजबूरी में तलाश ली खुशी: स्कूल में ही पूरी की शादी की रस्म
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 19 May 2017 03:41 PM IST
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रस्म निभाती टीचर्स
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित ग्रीष्मकालीन आवासीय शिविर में विरोध प्रदर्शनों के बीच एक अनोखा नजारा देखने को मिला। एक शिविर में शामिल महिला शिक्षक की हल्दी की रस्म अदा की गई। ये रस्म साथी शिक्षिकाओंं ने निभाई। दरअसल इस शिक्षिका की शादी 31 मई को होनी है।
मामला बांसवाड़ा के घाटोल पंचायत समिति के राजकीय सरकारी स्कूल का है। इस स्कूल में चल रहे आवासीय शिविर में एक दिव्यांग शिक्षिका भी मौजूद है। वो कोटामगरी उप्रावि में कार्यरत है। शिक्षिका की शादी 31 मई को होनी है। इस बीच शुक्रवार को उसकी हल्दी की रस्म की जानी थी, लेकिन उनकी मजबूरी यह थी कि शिविर में उसका होना जरूरी था।
इस शिक्षिका ने अपने घर पर बात की और परिजनों से हल्दी की रस्म स्कूल में निभाए जाने के लिए परमिशन मांगी। घर से स्वीकृति मिलने के बाद बाकी अध्यापिकाओं ने इस शिक्षिका की मजबूरी समझी और गीतों के बीच हल्दी की रस्म वहीं निभाई। स्कूल परिसर में ही हल्दी के गीत गाए गए। दुल्हन बनने जा रही शिक्षिका के हल्दी लगाई गई और बधाई दी गई।
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गौरतलब है कि राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं। इन शिविरों में शिक्षकों को रहकर प्रशिक्षण लेने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने की बात भी सामने आई है।
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मामला बांसवाड़ा के घाटोल पंचायत समिति के राजकीय सरकारी स्कूल का है। इस स्कूल में चल रहे आवासीय शिविर में एक दिव्यांग शिक्षिका भी मौजूद है। वो कोटामगरी उप्रावि में कार्यरत है। शिक्षिका की शादी 31 मई को होनी है। इस बीच शुक्रवार को उसकी हल्दी की रस्म की जानी थी, लेकिन उनकी मजबूरी यह थी कि शिविर में उसका होना जरूरी था।
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इस शिक्षिका ने अपने घर पर बात की और परिजनों से हल्दी की रस्म स्कूल में निभाए जाने के लिए परमिशन मांगी। घर से स्वीकृति मिलने के बाद बाकी अध्यापिकाओं ने इस शिक्षिका की मजबूरी समझी और गीतों के बीच हल्दी की रस्म वहीं निभाई। स्कूल परिसर में ही हल्दी के गीत गाए गए। दुल्हन बनने जा रही शिक्षिका के हल्दी लगाई गई और बधाई दी गई।
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गौरतलब है कि राजस्थान के शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर के स्कूलों में आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए हैं। इन शिविरों में शिक्षकों को रहकर प्रशिक्षण लेने के लिए कहा गया है। ऐसा नहीं करने वालों पर कार्रवाई करने की बात भी सामने आई है।