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आसान होगी इंजीनियरिंग, हिंदी में कर सकेंगे पढ़ाई
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 30 Jun 2017 03:36 PM IST
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किताबें
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान में अब हिन्दी मीडियम छात्रों के लिए इंजीनियरिंग करना थोड़ा आसान हो जाएगा। डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रमों की किताबे अगले सेशन से हिंदी में भी उपलब्ध होगी। अभी ये अंग्रेजी में है। हाल ही राज्य के तकनीकी शिक्षा निदेशालय द्वारा दिए महत्वपूर्ण सुझावों को मानते हुए एआईसीटीई ने इसे मान्यता दे दी है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि राज्य के तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद को कुछ खास सुझाव दिए थे,जिनमें से इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम से कराया जाना भी एक सुझाव था। उन्होंने कहा कि एआईसीटीई ने इस सुझाव को तुरंत मानते हुए अगले सत्र से इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी माध्यम से उपलब्ध कराने की स्वीकृति दे दी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल राष्ट्रभाषा हिंदी को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं ग्रामीण छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा, साथ ही यह पहल तकनीकी क्षेत्र में नवाचार के साथ मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद अब हिंदी में राष्ट्रीय स्तर का जर्नल भी प्रकाशित करेगी। इससे राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय लेखकों के लेख भी हिंदी के पाठकों को मिलने लगेंगे। इन लेखों में उत्कृष्ट लेखों का चयन कर लेखकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा और हिंदी में तकनीकी पुस्तकों के लेखकों को भी प्रोत्साहित करने की योजना एआईसीटीई द्वारा बनाई गई है।
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उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी ने कहा कि राज्य के तकनीकी शिक्षा निदेशालय ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद को कुछ खास सुझाव दिए थे,जिनमें से इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंग्रेजी के साथ हिंदी माध्यम से कराया जाना भी एक सुझाव था। उन्होंने कहा कि एआईसीटीई ने इस सुझाव को तुरंत मानते हुए अगले सत्र से इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी माध्यम से उपलब्ध कराने की स्वीकृति दे दी।
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उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल राष्ट्रभाषा हिंदी को प्रोत्साहन मिलेगा, वहीं ग्रामीण छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा, साथ ही यह पहल तकनीकी क्षेत्र में नवाचार के साथ मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद अब हिंदी में राष्ट्रीय स्तर का जर्नल भी प्रकाशित करेगी। इससे राष्ट्रीय तथा अन्तरराष्ट्रीय लेखकों के लेख भी हिंदी के पाठकों को मिलने लगेंगे। इन लेखों में उत्कृष्ट लेखों का चयन कर लेखकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा और हिंदी में तकनीकी पुस्तकों के लेखकों को भी प्रोत्साहित करने की योजना एआईसीटीई द्वारा बनाई गई है।
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