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राजनाथ ने कहा, कम खाता हूं, लेकिन आज जमकर खाया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Jun 2017 03:32 PM IST
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गाड़िया लुहार के घर खाना खाते राजनाथ
- फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार दोपहर का खाना एक गाड़िया लुहार के घर खाया। जमीन पर पंगत लगाकर बैठे राजनाथ को जयपुर के समीप दूदू के रहने वाले गाड़िया लुहार लक्ष्मण सिंह ने अपने हाथ से खाना परोसा तो राजनाथ ने भी उतनी ही आत्मीयता के साथ खाना खाया।
खाना खाने के बाद राजनाथ ने यह भी कहा कि घर के खाने का आनंद ही अलग है, जो बयां नहीं किया जा सकता। मैं खुशनसीब हूं, एेसा खाना मिलात ही कहां है। मैं खाना कम खाता हूं, लेकिन आज तो जमकर खाया है। राजनाथ पहले जयपुर की मुहाना मंडी आए और उसके बाद दूदू पहुंचे। इस बीच राजनाथ के दोपहर के खाने की व्यवस्था दूदू के गाड़िया लुहार के घर की गई थी। लक्ष्मण सिंह और उनका पूरा परिवार राजनाथ की आवभगत में लग गया। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद थे।
राजनाथ को खाना पत्तल-दोने में परोसा गया। घर की बनी गेंहू की रोटी, कैर सांगरी और काचरी की सब्जी और रायता परोसा गया और तपती गर्मी में लक्ष्मण सिंह ने बीजणे से उन्हें हवा भी की।
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केंद्रीय गृहमंत्री के आने की सूचना के साथ ही लक्ष्मण सिंह के घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। खाना खाने के बाद लक्ष्मण सिंह ने राजनाथ का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। राजनाथ का माला पहनाकर अभिनंदन भी किया गया।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के आने के बाद मेरा घर पवित्र हो गया है। वहीं राजनाथ ने गाड़िया लुहार की मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए कहा कि घर का खाना खाकर आनंद की अनुभूति हुई है। बिरले ही इस तरह का भोजन करने को मिलता है।
गौरतलब है कि राजनाथ सिंह राजस्थान के शूरवीर सपूत महाराणा प्रताप से बेहद प्रभावित हैं। गाड़िया लुहार उन्हीं महाराणा प्रताप के वंशज कहे जाते हैं।
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खाना खाने के बाद राजनाथ ने यह भी कहा कि घर के खाने का आनंद ही अलग है, जो बयां नहीं किया जा सकता। मैं खुशनसीब हूं, एेसा खाना मिलात ही कहां है। मैं खाना कम खाता हूं, लेकिन आज तो जमकर खाया है। राजनाथ पहले जयपुर की मुहाना मंडी आए और उसके बाद दूदू पहुंचे। इस बीच राजनाथ के दोपहर के खाने की व्यवस्था दूदू के गाड़िया लुहार के घर की गई थी। लक्ष्मण सिंह और उनका पूरा परिवार राजनाथ की आवभगत में लग गया। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी भी मौजूद थे।
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राजनाथ को खाना पत्तल-दोने में परोसा गया। घर की बनी गेंहू की रोटी, कैर सांगरी और काचरी की सब्जी और रायता परोसा गया और तपती गर्मी में लक्ष्मण सिंह ने बीजणे से उन्हें हवा भी की।
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केंद्रीय गृहमंत्री के आने की सूचना के साथ ही लक्ष्मण सिंह के घर पर लोगों का जमावड़ा लग गया। खाना खाने के बाद लक्ष्मण सिंह ने राजनाथ का धन्यवाद भी ज्ञापित किया। राजनाथ का माला पहनाकर अभिनंदन भी किया गया।
लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री के आने के बाद मेरा घर पवित्र हो गया है। वहीं राजनाथ ने गाड़िया लुहार की मेहमाननवाजी की तारीफ करते हुए कहा कि घर का खाना खाकर आनंद की अनुभूति हुई है। बिरले ही इस तरह का भोजन करने को मिलता है।
गौरतलब है कि राजनाथ सिंह राजस्थान के शूरवीर सपूत महाराणा प्रताप से बेहद प्रभावित हैं। गाड़िया लुहार उन्हीं महाराणा प्रताप के वंशज कहे जाते हैं।