{"_id":"593a4abc4f1c1b8c6b9c77ea","slug":"udaipur-railway-station-will-be-auctioned","type":"story","status":"publish","title_hn":"उदयपुर रेलवे स्टेशन होगा नीलाम! बदल जाएगा सब...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उदयपुर रेलवे स्टेशन होगा नीलाम! बदल जाएगा सब...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:47 PM IST
विज्ञापन
उदयपुर सिटी स्टेशन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के 23 रेलवे स्टेशनों को नीलामी के बाद सुधार के लिए निजी हाथों में दिया जाएगा। निजी कम्पनियां न केवल आधुनिकरण पर जोर देंगी, वहीं इसके साथ ही पूरी तरह से कायापटल करेंगी।
दरअसल, रेलवे पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत उदयपुर सहित देश के 23 रेलवे स्टेशनों को केंद्र सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अन्तरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर विकसित करने के लिए निजी कम्पनियों के हवाले करने का फैसला किया गया है। इस कार्यक्रम के पहले चरण में राजस्थान का एकमात्र शहर उदयपुर शमिल किया गया है। 28 जून को इनकी ऑनलाइन नीलामी होगी। इच्छुक कंपनी या व्यक्ति रेलवे की वेबसाइट पर जाकर स्टेशनों की बोली लगा सकेंगे। नीलामी के दो दिन बाद 30 जून को इसका ऐलान होगा।
जानकारी के मुताबिक उदयपुर के अलावा हावड़ा, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, कानपुर, इलाहबाद जंक्शन जैसे रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। ये पूरी योजना करीब चार हजार करोड़ रुपए की है।
विज्ञापन
उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के इस योजना में शामिल होने के बाद आमूलचूल परिवर्तन देखा जा सकेगा। इसमें कई तरह के बदलाव होंगे। निजी हाथों में रेलवे स्टेशन सौंपे जाने के बाद 45 साल तक की लीज पर स्टेशन निजी कम्पनी को दिया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत स्टेशन पर होने वाले व्यवसाय और प्रबंधन जैसे साफ-सफाई पानी की व्यवस्था निजी हाथों में रहेगी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था, टिकट बिक्री और पार्सल के साथ-साथ ट्रेनों के परिचालन की जिम्मेदारी रेलवे संभालेगा।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा निजी कंपनी के गार्ड भी स्टेशन परिसर के अलग-अलग हिस्सों में तैनात रहेंगे। इस अवधि में लीज ठेका लेने वाली कम्पनी को रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से परिपूर्ण करना होगा। निजी कम्पनियां रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर फूड स्टॉल, रिटायरिंग रूम, फ्रेश एरिया, प्ले एरिया भी विकसित करेंगी। रेलवे स्टेशन की खाली जमीन पर कंपनी फाइव स्टार होटल, शॉपिंग मॉल और मल्टी प्लेक्स बना सकेंगी।
विज्ञापन
दरअसल, रेलवे पुनर्विकास कार्यक्रम के तहत उदयपुर सहित देश के 23 रेलवे स्टेशनों को केंद्र सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत अन्तरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर विकसित करने के लिए निजी कम्पनियों के हवाले करने का फैसला किया गया है। इस कार्यक्रम के पहले चरण में राजस्थान का एकमात्र शहर उदयपुर शमिल किया गया है। 28 जून को इनकी ऑनलाइन नीलामी होगी। इच्छुक कंपनी या व्यक्ति रेलवे की वेबसाइट पर जाकर स्टेशनों की बोली लगा सकेंगे। नीलामी के दो दिन बाद 30 जून को इसका ऐलान होगा।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक उदयपुर के अलावा हावड़ा, मुंबई सेंट्रल, चेन्नई सेंट्रल, कानपुर, इलाहबाद जंक्शन जैसे रेलवे स्टेशन भी शामिल हैं। ये पूरी योजना करीब चार हजार करोड़ रुपए की है।
विज्ञापन
उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन के इस योजना में शामिल होने के बाद आमूलचूल परिवर्तन देखा जा सकेगा। इसमें कई तरह के बदलाव होंगे। निजी हाथों में रेलवे स्टेशन सौंपे जाने के बाद 45 साल तक की लीज पर स्टेशन निजी कम्पनी को दिया जाएगा। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत स्टेशन पर होने वाले व्यवसाय और प्रबंधन जैसे साफ-सफाई पानी की व्यवस्था निजी हाथों में रहेगी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था, टिकट बिक्री और पार्सल के साथ-साथ ट्रेनों के परिचालन की जिम्मेदारी रेलवे संभालेगा।
रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के अलावा निजी कंपनी के गार्ड भी स्टेशन परिसर के अलग-अलग हिस्सों में तैनात रहेंगे। इस अवधि में लीज ठेका लेने वाली कम्पनी को रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से परिपूर्ण करना होगा। निजी कम्पनियां रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म पर फूड स्टॉल, रिटायरिंग रूम, फ्रेश एरिया, प्ले एरिया भी विकसित करेंगी। रेलवे स्टेशन की खाली जमीन पर कंपनी फाइव स्टार होटल, शॉपिंग मॉल और मल्टी प्लेक्स बना सकेंगी।