पिता के बाद अब पुत्रों पर दाव लगाएगी भाजपा! ये होंगे चेहरे
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वंशवाद के नाम पर कांग्रेस को घेरने वाली भारतीय जनता पार्टी पर भी इस प्रकार के आरोप लगते रहे हैं। राजस्थान में होने वाले उपचुनावों की घोषणा से पूर्व ही भाजपा पर टिकिट बंटवारे को लेकर वंशवाद व जातिवाद के आरोप लगने लगे हैं।
गौरतलब कि राजस्थान में अजमेर व अलवर की लोकसभा सीट व मांडलगढ़ की विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने हैं। जहां अजमेर में कांग्रेस एक बार फिर से पीसीसी अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री सचिन पायलट पर दांव लगा सकती है।
वहीं भाजपा सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप लांबा को चुनावी मैदान में उतार सकती है। क्योंकि जातिगत वोटों के लिहाज से अजमेर लोकसभा क्षेत्र में गुर्जरों के बाद जाट मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है।
भाजपा के सामने अब ये रहेगी चुनौती
वहीं पिता के निधन की सहानुभूति भी लांबा के लिए फायदेमंद हो सकती है। लेकिन भाजपा यदि लांबा को टिकिट देती है, तो वंशवाद की आवाज उस पर और हावी होगी।
वहीं अलवर लोकसभा क्षेत्र में भी भाजपा को कुछ इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि यादव बहुल इस क्षेत्र में राजस्थान के श्रम मंत्री जसवंत यादव अपने बेटे मोहित यादव के लिए टिकिट की मांग कर रहे हैं। जबकि कांग्रेस पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को टिकिट दे सकती है। दोनों ही लोकसभा सीट पर भाजपा यदि उपरोक्त लोगों की टिकिट देती है तो आगामी चुनावों में वंशवाद का मुद्दा उसके लिए खत्म हो जाएगा।