फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Thousands of self- made women in jaipur

चार साल में हजारों महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा किया

Sun, 05 Mar 2017 09:09 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sun, 05 Mar 2017 09:09 PM IST
विज्ञापन
Thousands of self- made women in jaipur
सिलाई बुनाई सीखती महिलाएं
कहा जाता है कि किसी को भीख देने से अच्छा है उसे आत्मनिर्भर बनाया जाए, इसी सोच के साथ शहर में कई संगठन इसी दिशा में काम कर रहे हैं। ऐसा ही एक संगठन है सुजस सांस्कृतिक सेवा संस्थान, जो समाजसेवियों के सहयोग से ऐसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम कर रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर है लेकिन जीवन में कुछ करने की ललक और दृढ़ इच्छा शक्ति पूरी है।
विज्ञापन


स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के अनुसार जब वे इस तरह के शिविर में आई थीं तब उन्हें यह लगता था कि जीवन में कभी वो खुद का काम नहीं कर सकतीं थीं लेकिन अब वे सिलाई बुनाई सीखकर घर का कामकाज करने के साथ ही महिलाओं के परिधान सिलकर पैसा भी कमा रहीं हैं।
विज्ञापन


स्वयं सहायता समूह को चलाने वाली अंजु जांगिड़ ने बताया कि पिछले तीन सालों से वे इस तरह के शिविरों का संचालन जयपुर के वार्ड नम्बर 1 से 14 तक अलग—अलग क्षेत्रों में कर रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिविर कहीं दो महीने और कहीं तीन महीने के लिए लगाए जाते हैं जो किसी भी विद्यालय या किसी भवन में लगाए जा सकते हैं जहां पर महिलाएं खुद इसके लिए इच्छुक हों। वर्तमान में यह शिविर वार्ड नम्बर 10 स्थित खेड़ा में समाजसेवी पवन गोयल के सहयोग से निरन्तर जारी हैं।

मुरलीपुरा—दादी का फाटक निवासी राजबाला जांगिड़ ने बताया कि उन्होंने करीब तीन महीने पहले इस  शिविर में प्रशिक्षण लिया था। यहां से  सिलाई—बुनाई सीखने के बाद अब हर महीने वे चार—पांच हजार रूपए कमा लेती हैं जिससे परिवार में सहारा लगता है।  ऐसी ही एक अन्य महिला दधिची नगर निवासी  गुलाब सैनी ने बताया कि उन्होंने पिछले साल जुलाई में निवारू रोड पर लगे शिविर में प्रशिक्षण लेकर अपना सिलाई का काम शुरू किया। इसके बाद वे धीरे—धीरे हर महीने दो—तीन हजार तक कमाने लगी है।

बिना पैसा खर्च किए सीखने को ​मिलता है

Thousands of self- made women in jaipur
सिलाई प्रशिक्षण - फोटो : demo pic
दो—तीन महीनों तक चलने वाले इन शिविरों में करीब 100 महिलाओं को सिलाई—बुनाई का प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछले तीन सालों से ये शिविर संचालित किए जा रहे हैं। शिविर लगाने से पहले जहां शिविर लगाया जाना है उस क्षेत्र का सर्वे करके आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं का चयन किया जाता है।

प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं को संस्थान की ओर से सर्टिफिकेट प्रदान किए जाते हैं जो उन्हें स्वयं का काम शुरू करने और सिलाई के क्षेत्र में पहचान बनाने के लिए भी उपयोगी रहता है। प्रशिक्षण में हिस्सा लेने वाली महिलाओं से किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed