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दहेज विरोधी कानून के गलत इस्तेमाल को सामने लाएगी ये फिल्म
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 19 May 2017 04:42 PM IST
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फिल्म का पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
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धारा 498 ए के दुरुपयोग और उसके पीड़ितों की आत्महत्या के मामले अब परदे पर भी उतरेंगे। यह मुद्दा एक डॉक्यूमेंट्री के जरिए उठाया जाएगा। इस मुद्दे को लेकर दीपिका नारायण भारद्वाज निर्मित व निर्देशित डॉक्यूमेंट्री फिल्म मार्टियर्स ऑफ मैरिज का प्रदर्शन किया जाएगा।
यह प्रदर्शन रविवार शाम 5.30 बजे महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस फिल्म में उन मामलों को सामने लाया गया है, जिनमें दहेज विरोधी कानून का गलत इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से कई पुरुषों द्वारा की गई आत्महत्या के मामलों पर प्रकाश डाला गया है। दीपिका ने इस फिल्म को बनाने से पहले चार साल तक इस मुद्दे पर सांसदों, न्यायाधीशों, वकीलों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत कर इसके विभिन्न पहलुओं को जाना।
फिल्म में इस कानून के गलत इस्तेमाल के पीड़ितों की वास्तविक कहानी को सामने लाया जाएगा। इनमें धारा 498 ए के झूठे मामलों से होने वाले उत्पीड़न और अत्याचार के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों की पीड़ा भी बताई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक साल 1998 से लेकर 2015 के बीच धारा 498 ए के तहत 27 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो चोरी मारपीट और दंगों को छोड़ आईपीसी के तहत किसी भी अन्य अपराध से कहीं ज्यादा बड़ी संख्या है। 6.5 लाख महिलाएं ऐसे हैं जो इसी धारा के तहत गिरफ्तार हुई हैं। फिल्म में ऐसे ही लोगों की आवाज उठाई गई है।
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यह प्रदर्शन रविवार शाम 5.30 बजे महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में किया जाएगा। इस फिल्म में उन मामलों को सामने लाया गया है, जिनमें दहेज विरोधी कानून का गलत इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से कई पुरुषों द्वारा की गई आत्महत्या के मामलों पर प्रकाश डाला गया है। दीपिका ने इस फिल्म को बनाने से पहले चार साल तक इस मुद्दे पर सांसदों, न्यायाधीशों, वकीलों, पुलिस अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं से बातचीत कर इसके विभिन्न पहलुओं को जाना।
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फिल्म में इस कानून के गलत इस्तेमाल के पीड़ितों की वास्तविक कहानी को सामने लाया जाएगा। इनमें धारा 498 ए के झूठे मामलों से होने वाले उत्पीड़न और अत्याचार के कारण आत्महत्या करने वालों के परिवारों की पीड़ा भी बताई जाएगी।
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जानकारी के मुताबिक साल 1998 से लेकर 2015 के बीच धारा 498 ए के तहत 27 लाख लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो चोरी मारपीट और दंगों को छोड़ आईपीसी के तहत किसी भी अन्य अपराध से कहीं ज्यादा बड़ी संख्या है। 6.5 लाख महिलाएं ऐसे हैं जो इसी धारा के तहत गिरफ्तार हुई हैं। फिल्म में ऐसे ही लोगों की आवाज उठाई गई है।